FASTag
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फास्टैग इस्तेमाल करने वाले करोड़ों वाहन मालिकों के लिए NHAI ने एक नया फीचर शुरू किया है. इसका नाम वनटैग है. यह सुविधा Rajmargyatra App में दी गई है. इसकी मदद से फास्टैग को एक बैंक से दूसरे बैंक में पोर्ट किया जा सकेगा. खास बात यह है कि बैंक बदलने पर गाड़ी की विंडस्क्रीन पर नया फास्टैग लगाने की जरूरत नहीं होगी.
NHAI ने फास्टैग यूजर्स के लिए वनटैग सुविधा शुरू की है. इसके जरिए मौजूदा फास्टैग को दूसरे बैंक में पोर्ट किया जा सकता है. यानी फास्टैग वही रहेगा, केवल उससे जुड़ा बैंक और वॉलेट बदल जाएगा.
पहले अगर कोई व्यक्ति फास्टैग जारी करने वाला बैंक बदलना चाहता था, तो उसे नया फास्टैग लेना पड़ सकता था. अब वनटैग के जरिए इस परेशानी को कम किया गया है. अगर आपका मौजूदा फास्टैग सही है, तो बैंक बदलने के लिए नया टैग लगाने की जरूरत नहीं होगी.
फास्टैग पोर्ट करने के लिए Rajmargyatra App का इस्तेमाल करना होगा. ऐप में लॉगिन करने के बाद अपनी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर डालना होगा. इसके बाद ऐप बताएगा कि आपका फास्टैग पोर्ट करने के लिए योग्य है या नहीं.
अगर आपका फास्टैग पोर्ट करने के लिए योग्य है, तो मौजूदा फास्टैग बैंक से 6 अंकों का MVC यानी Verification Code लेना होगा. इसके बाद आगे की प्रक्रिया ऐप के जरिए पूरी की जा सकेगी.
MVC मिलने के बाद Rajmargyatra App में नया बैंक चुनना होगा. इसके बाद नए बैंक की KYC प्रक्रिया पूरी करनी होगी. साथ ही नए बैंक में फास्टैग वॉलेट सेटअप करना होगा. प्रक्रिया पूरी होने पर आपका फास्टैग नए बैंक से जुड़ जाएगा.
फास्टैग पोर्ट होने के बाद पुराने बैंक का वॉलेट बंद कर दिया जाएगा. पुराने वॉलेट में जो पैसा बचा होगा, उसे वापस किया जाएगा. हालांकि, लागू नियमों के अनुसार इसमें कुछ कटौती हो सकती है.
वनटैग सुविधा का इस्तेमाल बार-बार नहीं किया जा सकता. एक बार फास्टैग को दूसरे बैंक में पोर्ट करने के बाद अगले 6 महीने तक दोबारा पोर्ट नहीं किया जा सकेगा.
वनटैग के आने से फास्टैग का बैंक बदलना पहले की तुलना में आसान हो सकता है. अब बैंक बदलने के लिए पूरा फास्टैग बदलने की जरूरत नहीं होगी. मौजूदा टैग को ही नए बैंक से जोड़ा जा सकेगा. यानी गाड़ी पर लगा फास्टैग वही रहेगा और केवल उसके पीछे जुड़ी बैंक सेवा बदलेगी.