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Share Market Guide: शेयर बाज़ार में क्या होता है Trading और Investment.. वेल्थ बनाने के लिए क्या है बेस्ट ऑप्शन, किसमें है सबसे कम रिस्क?

शेयर मार्केट के जरिए वेल्थ तैयार करना हर कोई चाहता है, लेकिन फर्क इस बात से पड़ता है कि आप लंबे समय इंतजार कर सकते हैं या फिर आपको जल्दी है. बाजार के केवल ट्रेड और निवेश होता है और दोनों ही तरीको से वेल्थ बनती है, लेकिन हर तरीके के अपने रूल होते हैं.

Share Market Guide (AI) Share Market Guide (AI)

शेयर बाजार में पैसा लगाने वाले लोगों के सामने अक्सर एक सवाल आता है कि निवेश यानी इंवेस्ट अच्छा होता है या ट्रेडिंग करना. दोनों ही तरीके शेयर बाजार से पैसा कमाने के लिए अपनाए जाते हैं, लेकिन इनका काम करने का तरीका और रिस्क फैक्टर काफी अलग-अलग होता है. इसलिए बाजार में कदम रखने से पहले दोनों के बीच के फर्क को समझना जरूरी है, कि आप यहां इंवेस्ट करेंगे या फिर ट्रेड.

लॉन्ग टर्म का खेल है इंवेस्ट करना

इंवेस्ट का मतलब है किसी अच्छी कंपनी के शेयर, म्यूचुअल फंड या अन्य फाइनेंशियल चीज़ों में पैसा लगाकर उसे लंबे समय तक बनाए रखना. इंवेस्टिंग के दौरान इंवेस्टर रोजाना हो रहे उतार-चढ़ाव पर ज्यादा ध्यान नहीं देते. उनका मोटिव कई सालों में अपने निवेश को बढ़ाना होता है.

लॉन्ग टर्म में इंवेस्टर को शेयर की कीमत बढ़ने के साथ-साथ डिविडेंड और अन्य फायदे भी होते हैं. यही वजह है कि इंवेस्ट करने से पैसा काफी सेफ रहता है और इसमें रिस्क भी कम होता है.

क्यों फायदेमंद माना जाता है लॉन्ग टर्म निवेश?

शेयर बाजार में समय-समय पर गिरावट आती रहती है. वैश्विक घटनाएं, आर्थिक हालात, सरकारी नीतियां और ब्याज दरों में बदलाव बाजार को प्रभावित करते हैं. लेकिन इतिहास को देखें तो पता चलता है कि गिरावट के बाद भी बाजार ने वापसी की है. यही वजह है कि जो निवेशक पेशेंस रखते हैं और लंबे समय तक बाजार में बने रहते हैं, उन्हें अक्सर बेहतर रिटर्न मिलता है. 

ट्रेडिंग में मौके के साथ है जोखिम भी

ट्रेडिंग निवेश से बिल्कुल अलग है. इसमें शेयरों को कम समय के लिए खरीदा और बेचा जाता है. ट्रेडर बाजार की तेजी और गिरावट दोनों से कमाई करने की कोशिश करते हैं.

ट्रेडिंग में कुछ घंटों, दिनों या हफ्तों के भीतर सौदा पूरा हो जाता है. इसमें मुख्य मकसद शेयर की कीमतों में आने वाले छोटे बदलावों से फायदा कमाना होता है. इसलिए ट्रेडिंग में लेनदेन काफी तेजी से होता है.

ट्रेडिंग से पहले रखें इन बातों का ध्यान

ट्रेडिंग में मुनाफा होने के चांस ज्यादा होते हैं. लेकिन इसके साथ जोखिम भी काफी बढ़ जाता है. गलत फैसला लेने पर नुकसान भी तेजी से हो सकता है. सफल ट्रेडिंग के लिए बाजार की अच्छी समझ, एनालिटिक्स की समझ होना बेहद जरूरी है.

एक्सपर्ट्स का मानना है कि नए निवेशकों को बिना जानकारी के ट्रेडिंग से बचना चाहिए. शुरुआत में निवेश के जरिए बाजार को समझना ज्यादा बेहतर फैसला साबित होता है.

आपके लिए कौन सा ऑप्शन है सही?

अगर आप लंबे समय में वेल्थ बनाना चाहते हैं और ज्यादा जोखिम नहीं लेना चाहते, तो निवेश आपके लिए बेहतर हो सकता है. वहीं, यदि आपके पास बाजार का अनुभव, समय और रिस्क लेने की क्षमता है, तो ट्रेडिंग भी एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है. सही फैसला आपकी जरूरतों और जोखिम लेने की क्षमता पर डिपेंड करता है.