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Vedanta Group: कौन हैं प्रिया अग्रवाल हेब्बर? संभालेंगी 35 हजार करोड़ के वेदांता ग्रुप की जिम्मेदारी

Who is Priya Agarwal Hebbar: वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के इकलौते बेटे अग्निवेश अग्रवाल का निधन हो गया. अब सवाल उठ रहा है कि 35 हजार करोड़ के वेदांता ग्रुप की जिम्मेदारी कौन संभालेगा? प्रिया अग्रवाल हेब्बर का नाम सामने आ रहा है. आइए जानते हैं आखिर कौन हैं प्रिया अग्रवाल और इनका अनिल अग्रवाल से क्या है संबंध?  

Priya Agarwal Hebbar (Photo @PriyaAH_Vedanta) Priya Agarwal Hebbar (Photo @PriyaAH_Vedanta)

देश के दिग्गज उद्योगपतियों में शामिल वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल (Vedanta Chairman Anil Agarwal) पर नए साल 2026 में दुखों का पहाड़ टूटा है. अनिल अग्रवाल के इकलौते बेटे अग्निवेश अग्रवाल ((Agnivesh Agarwal)  का अमेरिका में गत बुधवार को निधन हो गया. अग्निवेश स्कीइंग दुर्घटना के शिकार हो गए थे. उन्हें इलाज के लिए न्यूयॉर्क के माउंट सिनाई अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां 7 जनवरी 2026 को अचानक कार्डियक अरेस्ट आया और 49 साल की उम्र में अग्निवेश ने दुनिया को अलविदा कह दिया. अब सवाल उठ रहा है कि 35 हजार करोड़ के वेदांता ग्रुप की जिम्मेदारी कौन संभालेगा? प्रिया अग्रवाल हेब्बर (Priya Agarwal Hebbar) का नाम सामने आ रहा है. हालांकि अभी इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. आइए जानते हैं आखिर कौन हैं प्रिया अग्रवाल और इनका अनिल अग्रवाल से क्या है संबंध?  

कौन हैं प्रिया अग्रवाल हेब्बर
प्रिया अग्रवाल हेब्बर वेदांता ग्रुप के फाउंडर और चेयरमैन अनिल अग्रवाल की बेटी हैं. अग्निवेश अग्रवाल उनके भाई थे. प्रिया अग्रवाल की मां का नाम किरण अग्रवाल है. प्रिया अग्रवाल ने साल 2013 में बिजनेसमैने वेंकटेश हेब्बर से विवाह किया. उनकी एक बेटी हैं, जिसका नाम माही है. प्रिया अग्रवाल को जानवरों के प्रति बहुत प्यार है. उन्होंने साल 2010 में YODA (Youth Organization in Defence of Animals) की स्थापना की थी. आज YODA महाराष्ट्र में सबसे बड़ा एनिमल वेलफेयर ऑर्गनाइजेशन है. यह घायल, बीमार और छोड़े गए आवारा जानवरों के रिहैबिलिटेशन पर फोकस करता है. 

प्रिया अग्रवाल अभी निभा रहीं वेदांता में ये जिम्मेदारी 
प्रिया अग्रवाल ने यूनाइटेड किंगडम (UK) स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ वारविक से प्रिया ने अपनी पढ़ाई पूरी की है. उन्‍होंने साइकॉलजी और बिजनेस मैनेजमेंट में पढ़ाई की है. प्रिया ने ओगिल्वी एंड माथर में इंटर्नशिप भी की हैं. प्रिया साल 2013 में वेदांता के बोर्ड में गैर-कार्यकारी निदेशक के रूप में शामिल हुईं. प्रिया अग्रवाल फिलहाल वेदांता में और हिन्दुस्तान जिंक के बोर्ड में शामिल हैं. वह हिंदुस्तान जिंक की चेयरपर्सन के तौर पर बड़ी जिम्मेदारियां संभाल रही हैं. हिंदुस्तान जिंक एक नेचुरल रिसोर्स कंपनी है. यह वेदांता ग्रुप की कंपनियों में से एक है, जिसका मार्केट कैप 254000 करोड़ रुपए है. अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश अग्रवाल ने बिजनेस  दुनिया में एक अलग ही अपनी पहचान बनाई थी. उन्होंने Fujairah Gold जैसी कंपनी खड़ी की थी और हिन्दुस्तान जिंक के चेयरमैन भी रहे. वह वेदांता ग्रुप की कंपनी Talwandi Sabo Power Limited के बोर्ड में शामिल थे. अग्निवेश अग्रवाल के निधन के बाद वेदांता ग्रुप की की जिम्मेदारी प्रिया अग्रवाल के कंधों पर रहने की उम्मीद है.

अनिल अग्रवाल की सफलता की कहानी 
अनिल अग्रवाल को भारत का 'मेटल किंग' कहा जाता है. अनिल अग्रवाल की सफलता की कहानी बड़ी ही प्रेरणादायक है. वेदांता ग्रुप के फाउंडर और चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने अपनी सफलता की नींव बिहार के पटना में रखी. अनिल अपने पिता के एल्युमीनियम कंडक्टर व्यवसाय में सहायता करने के लिए 19 साल की उम्र में मुंबई चले गए थे. वहां उन्होंने 1976 में शमशेर स्टारलिंग कॉर्पोरेशन का अधिग्रहण करके एक छोटी केबल कंपनी से अपनी उद्यमशीलता की यात्रा की शुरुआत की थी. उन्होंने कई बार असफल होने के बाद भी हार नहीं मानी. वेदांता को धीरे-धीरे मेटल, माइनिंग, पावर और ऑयल जैसे बड़े सेक्टर में खड़ा किया. वेदांता ग्रुप का कारोबार आज भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के कई देशों में फैला हुआ है. आज अनिल अग्रवाल भारत के सबसे बड़े अमीरों में शामिल हैं. फोर्ब्स की ताजा रिपोर्ट के अनुसार अनिल अग्रवाल और उनके परिवार की कुल संपत्ति करीब 4.2 अरब डॉलर यानी लगभग 35 हजार करोड़ रुपए है.

75 प्रतिशत दौलत दान करने का संकल्प 
देश के बड़े अमीरों में शामिल अनिल अग्रवाल अपनी सादगी और दानवीर स्वभाव के लिए जाने जाते हैं. अनिल अग्रवाल ने Giving Pledge के तहत अपनी 75 फीसदी संपत्ति समाज सेवा के लिए दान करने का वादा किया है. अनिल अग्रवाल ने बेटे के निधन के बाद भावुक होते हुए कहा कि अब वह और भी सादगी से जीवन बिताएंगे और अग्निवेश के सपनों को पूरा करने के लिए समाज सेवा के कामों को और तेजी से आगे बढ़ाएंगे. अनिल अग्रवाल ने बताया कि अग्निवेश का सपना था कि देश में कोई बच्चा भूखा न सोए और हर युवा को काम मिले. इसी संकल्प को लेकर अब अग्रवाल परिवार आगे बढ़ने जा रहा है.