5 birds that change feather colours
5 birds that change feather colours
प्रकृति ने हर जीव को खुद को सुरक्षित रखने का अलग तरीका दिया है. जहां गिरगिट रंग बदलने के लिए मशहूर है, वहीं दुनिया में कई ऐसे पक्षी भी हैं जो मौसम और जरूरत के हिसाब से अपने पंखों का रंग बदल लेते हैं. यह बदलाव उन्हें शिकारी जानवरों से बचाने, अपने आसपास के वातावरण में घुलने-मिलने और प्रजनन के मौसम में साथी को आकर्षित करने में मदद करता है. आइए जानते हैं ऐसे ही पांच अनोखे पक्षियों के बारे में जो अपना रंग बदलते हैं.
विलो प्टार्मिगन
विलो प्टार्मिगन ठंडे आर्कटिक इलाकों में पाया जाता है. गर्मियों में इसके पंख भूरे रंग के होते हैं, जिससे यह मिट्टी और घास के बीच आसानी से छिप जाता है. वहीं सर्दियां आते ही इसके पंख पूरी तरह सफेद हो जाते हैं. इससे बर्फीले इलाके में इसे पहचानना मुश्किल हो जाता है और यह शिकारियों से सुरक्षित रहता है.
स्नो बंटिंग
स्नो बंटिंग भी आर्कटिक क्षेत्र का पक्षी है. प्रजनन के मौसम में नर पक्षी के पंख सफेद और काले रंग के हो जाते हैं, जिससे वह मादा को आकर्षित कर सके. वहीं बाकी समय इसके पंख भूरे और धारियों वाले दिखाई देते हैं. यह रंग इसे चट्टानों और जमीन के बीच छिपने में मदद करता है.
अमेरिकन गोल्डफिंच
अमेरिकन गोल्डफिंच के नर पक्षी गर्मियों में चमकीले पीले रंग के पंख और सिर पर काली टोपी जैसी बनावट रखते हैं. यह रंग साथी को आकर्षित करने में मदद करता है. लेकिन सर्दियों में इसके पंख हल्के भूरे या जैतूनी रंग के हो जाते हैं, जिससे यह आसपास के वातावरण में आसानी से घुल-मिल जाता है.
रॉक प्टार्मिगन
रॉक प्टार्मिगन साल में कई बार अपने पंखों का रंग बदलता है. सर्दियों में इसके पंख सफेद, गर्मियों में भूरे और वसंत व शरद ऋतु में मिले-जुले रंग के हो जाते हैं. यह बदलाव इसे हर मौसम में अपने आसपास के वातावरण के अनुसार छिपे रहने में मदद करता है.
स्कारलेट टैनेजर
स्कारलेट टैनेजर का नर पक्षी प्रजनन के मौसम में चमकीले लाल रंग के पंख और काले पंखों के साथ दिखाई देता है. यह रंग मादा को आकर्षित करने के लिए होता है. मौसम खत्म होने के बाद इसके पंख हरे-पीले रंग के हो जाते हैं, जिससे यह पेड़ों की घनी पत्तियों में आसानी से छिप सकता है.
पक्षी क्यों बदलते हैं पंखों का रंग?
विशेषज्ञों के अनुसार पक्षियों के पंखों का रंग बदलना मोल्टिंग नाम की प्राकृतिक प्रक्रिया का हिस्सा है. इस दौरान पुराने पंख गिरते हैं और उनकी जगह नए पंख उगते हैं. यह बदलाव मुख्य रूप से दो कारणों से होता है. पहला, शिकारियों से बचने के लिए आसपास के वातावरण में खुद को छिपाना. दूसरा, प्रजनन के मौसम में आकर्षक दिखकर साथी को अपनी ओर आकर्षित करना. कई बार दिन की रोशनी, तापमान और हार्मोन में होने वाले बदलाव भी इस प्रक्रिया को प्रभावित करते हैं.
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