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Children Champion Award: इस NGO को मिला खास सम्मान, 18 सालों से संवार रहा है दिव्यांग और अनाथ बच्चों की जिंदगी

असम की एक एनजीओ तपोवन को दिव्यांग और अनोथ बच्चों की मदद करने को लेकर चिल्ड्रन चैंपियन अवार्ड से सम्मानित किया गया है. ये एनजीओ अभी तक 700 से ज्यादा बच्चों की मदद कर चुकी है.

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हाइलाइट्स
  • एनजीओ तपोबन 2005 में हुआ था स्थापित

स्पेशल और ऑटिस्टिक बच्चों के लिए काम कर रही असम की एक एनजीओ स्टूडेंट्स वेलफेयर मिशन (Students Welfare Mission) तपोवन को चिल्ड्रन चैंपियन अवार्ड 2023 जीता है. ये एनजीओ बच्चों में शिक्षा, न्याय, स्वास्थ्य, पोषण, खेल और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट को बढ़ाने को लेकर काम करती है. इस एनजीओ को पिछले साल  दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा स्थापित किया गया था. जिसका नाम तपोवन है. जिसे चिल्ड्रन चैंपियन अवार्ड 2023 के स्वास्थ्य और पोषण श्रेणी में सम्मानित किया गया है.  

इस एनजीओ का ये है उद्देश्य
असम के इस तपोवन एनजीओ को विशेष जरूरतों वाले बच्चों को गुणवत्तापूर्ण देखभाल प्रदान करने के लगातार प्रयासों के लिए चिल्ड्रन चैंपियन अवार्ड से नवाजा गया. पूर्वोत्तर राज्यों का यह एकमात्र ऐसा एनजीओ है जिसने इस पुरस्कार को हासिल किया है. जिस कैटेगरी में एनजीओ तपोबन ने अवॉर्ड जीता है उस कैटेगरी में DCPCR को देश भर से करीब 1100 NGO के नाम आए थे. 

अब तक कर चुकी है 700 से ज्यादा बच्चों का मदद
इस एनजीओ तपोवन को 2005 में स्थापित किया गया था. जिसका मुख्य उद्देश्य लोगों में दिव्यांग बच्चों के प्रति जागरूक करने के साथ ही उनकी थेरेपी, फिजियोथेरेपी और ऑक्यूपेशनल थेरेपी के साथ ही उन्हें संगीत समेत दूसरे कौशल बढ़ाने का काम करना है. इस एनजीओ में जिस भी बच्चे को लाया जाता है उनमें दैनिक जीवन कौशल, बात करने के तरीके, शिक्षा के अलावा संगीत भी सिखाया जाता है. वर्तमान में तपोवन एनजीओ में 18 दिव्यांग और अनाथ बच्चे हैं जिनकी देखरेख 17 लोग करते हैं. तपोवन की स्थापना के बाद से यह करीब 700 से ज्यादा बच्चों की मदद कर चुकी है.