scorecardresearch

एआई से लग रहा है डर, तो युवाओं के लिए बड़ा मौका.. कर लें साइकोलॉजी की पढ़ाई, सिक्योर रहेगी नौकरी

मौजूदा समय में लोग को यह भय सता रहा है कि एआई उनकी नौकरी छीन लेगा. लेकिन अगर थोड़ा स्मार्ट तरीके से सोचा जाए तो कुछ सेक्टर ऐसे भी है, जहां एआई के हाथ पूरी तरह नहीं सकते. ऐसे में यहां आपकी नौकरी सेफ रहेगा.

AI Generated Image AI Generated Image

लोगों को एक तरफ डर सता रहा है कि एआई उनकी नौकरी को खा जाएगा. वहीं दूसरी तरफ ऐसे कोर्स या स्किल्स की मांग बढ़ रही है, जो फिलहाल अभी एआई की पहुंच से दूर हैं. अगर आप भी किसी ऐसी स्किल को सीखना चाहते हैं, जिसमें आपकी नौकरी को एआई से जाने का खतरा कम हो, तो आप साइकोलॉजी की पढ़ाई कर सकते हैं.

साइकोलॉजी में इंसान के बिहेवियर को समझा जाता है. एआई एक तय पैटर्न के हिसाब के काम करता है, लेकिन असल ज़िंदगी में हर इंसान अलग होता है और उसका बिहेवियर भी अलग होगा. ऐसे में एआई के लिय हर इंसान के लिए एक अलग पैटर्न को पकड़ना मुश्किल होगा. साथ ही यहां एक ह्यूमन ही दूसरे ह्यूमन के बिहेवियर को बेहतर तरीके से समझ सकता है. तो चलिए आपको बताते हैं कि कैसे आप साइकोलॉजी से जुड़ा कोर्स कर सकते हैं. साथ ही इससे जुड़े किन सेक्टर में नौकरी की संभावना है.

कैसे करें साइकोलॉजी की पढ़ाई?

इसकी पढ़ाई के लिए आप 12वीं के बाद साइकोलॉडी में बीए कर सकते हैं. बीए के बाद आप चाहें को किसी स्पेशियालाइजेशन के साथ इसमें पोस्ट ग्रेजुएट की पढ़ाई भी कर सकते हैं. साइकोलॉजी में पीजी डिप्मोला कोर्स भी अवेलेबल होते हैं. अगर आप मेडिकल सेक्टर में काम करना चाहते हैं को क्लिनिकल साइकोलॉजी में एम.फिल की डिग्री हासिल कर सकते हैं. इसके अलावा आप साइकोलॉजी में डॉक्टरेट भी कर सकते हैं.

क्या हैं नौकरी के अवसर?

साइकोलॉजी की डिग्री के बाद आप काउंसलर, करियर काउंसलर, क्लिनिकल साइकॉलजिस्ट, करियर काउंसलर, फॉरेंसिक, साइकॉलजिस्ट, इंड्ट्रियल या ऑर्गनाइजेशनल साइकॉलजिस्ट के तौर पर काम कर सकते हैं.

  • काउंसर में आप केवल दूसरे के बिहेवियर को समझते हैं और उसकी रुचि या परेशानी के अनुसार उसकी काउंसलिंग करते हैं.
  • करियर काउंसर के तौर पर आप किसी छात्रों को उनकी रुचि के अनुसार, उनके करियर के लिए गाइड कर सकते हैं. वह किस कोर्स को भविष्य के लिए चुनें. उनके मार्क्स के अनुसार कौन सा कोर्स बेहतर रहेगा.
  • क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट के रूप में आप मेडिकल सेक्टर में साइकोलॉजिस्ट के रूप में काम कर सकते हैं.
  • इंड्ट्रियल या ऑर्गनाइजेशनल साइकॉलजिस्ट के रूम में आप किसी ऑर्गेनाइजेशन में नई लोगों की भर्ती के दौरान सलाहकार के रूप में काम कर सकते हैं. 

कितनी मिलती है सैलरी?

इस फील्ड में 20- 25 हजार रुपए से शुरुआत कर सकते हैं. जो बाद में आपके अनुभव के साथ बढ़ती जाएगी. इसके अलावा आप किस सेक्टर में काम कर रहे है, आपकी सैलरी इस बात पर भी डिपेंड करती है. अगर मेडिकल से जुड़ी फ्रीलांस साइकोलॉजी करना चाहते हैं तो साइकोलॉजी में एम.फिल करने के बाद अपना खुद का क्लिनिक खोल सकते हैं. इससे आपके पास जनरेट होने वाली इनकम की कोई सीमा नहीं होगी. जितने रोगी आपके पास आएंगे, इनकम उतनी ज्यादा होगी.