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Delhi Police Book Bank: दिल्ली पुलिस की अनोखी पहल! जरूरतमंदों के लिए की बुक बैंक की शुरुआत

दिल्ली पुलिस ने एक अनोखी पहल की है. पुलिस ने बुक बैंक की शुरुआत की है. इसमें कोई भी किताबें जमा कर सकते हैं. इस पहल का मकसद है किताबों को उन बच्चों तक पहुंचाना, जिनके लिए किताबें खरीदना आसान नहीं है.

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दिल्ली पुलिस अब सिर्फ कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में शिक्षा की रोशनी भी फैला रही है. वेस्ट डिस्ट्रिक्ट की दिल्ली पुलिस ने एक अनोखी पहल की है. यहाँ बुक बैंक की शुरुआत हुई है, जहां लोग अपनी पुरानी और नई किताबें दान कर सकते हैं. पुलिस के बुक बैंक में किताबों से दोस्ती दिल्ली पुलिस के वेस्ट डिस्ट्रिक्ट के डीसीपी ऑफिस में बुक बैंक की शुरुआत एक नई और बेहद मददगार पहल है. जहां कोई भी व्यक्ति अपनी किताबें डोनेट कर सकता है. इस पहल का मकसद है किताबों को उन बच्चों तक पहुंचाना, जिनके लिए किताबें खरीदना आसान नहीं है.
 
दिल्ली पुलिस की अनोखी पहल-
दिल्ली पुलिस केवल कानून व्यवस्था तक ही नहीं सीमित नहीं रही है. बल्कि अब वो बच्चों की पढ़ाई लिखाई में भी मदद कर रही है. दरअसल दिल्ली पुलिस के वेस्ट डिस्ट्रिक्ट के डीसीपी ऑफिस ने एक बुक बैंक शुरू किया है. इस अनोखे बैंक में कोई भी व्यक्ति अपनी पुरानी या नई किताबें दान कर सकता है. इसके बाद उन किताबों को जरूरतमंद बच्चों तक पहुंचाया जाएगा. इस पहल को डीसीपी के निर्देशन में कम्युनिटी पुलिसिंग सेल 'संपर्क' चला रही है और इस पहल का मकसद एक ही है कि किताबों को उन बच्चों तक पहुंचाना, जिनके लिए किताबें खरीदना आसान नहीं है.

नर्सरी से इंजीनियरिंग तक की किताबें-
बुक बैंक में नर्सरी क्लास से लेकर इंजीनियरिंग और पीएमटी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी तक की किताबें जमा हो रही हैं. सिलेबस की किताबें हों, साहित्य, मोटिवेशनल बुक्स या किसी भी विषय की किताब, यहां हर तरह की किताबें स्वीकार की जा रही है.

दिल्ली पुलिस इन किताबों को अच्छे से पैक करती है, जिससे जब ये किताबें जरूरतमंद बच्चों तक पहुंचें तो उन्हें किसी तरह की झिझक या संकोच महसूस न हो. दिल्ली पुलिस की इस पहल में स्कूल, कॉलेज और इंस्टीट्यूट के टीचर्स और छात्र बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं.

इस अभियान को शुरू हुए अभी चंद दिन ही हुए हैं. लेकिन बुक बैंक को अब तक हजारों किताबें मिल चुकी हैं. इस पहल से ना सिर्फ जरूरतमंद बच्चों को मदद मिलेगी, बल्कि इससे समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता का भी संदेश मिलेगा. दिल्ली पुलिस की ये पहल बताती है कि वर्दी सिर्फ सुरक्षा का नहीं, बल्कि संवेदनशीलता और सामाजिक सरोकार का भी प्रतीक है.

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