Gen Z Work Trend
Gen Z Work Trend
आज के दौर में जेन जी कामकाज के मामले में पहले की पीढ़ियों को काफी पीछे छोड़ रही है. जेन जी का नौकरी को लेकर फंडा बहुत क्लियर है. जल्द से जल्द पैशे में एंटर करो, जल्दी नौकरियां बदलों और धीरे-धीरे अपनी स्किल्स को बढ़ाओं जिससे सैलरी में इजाफा होता जाए. जेन जी की ये टेकनीक इससे पिछली जेनरेशन से बिलकुल उलट है. हालांकि कुछ रिपोर्ट्स का कहना है कि ज्यादा फिगर वाली सैलरी तक जल्दी पहुंचने वाले, काफी स्किल्ड प्रोफेशनल वाले होते हैं.
सिक्स फिगर सैलरी सच है या केवल ट्रेंड?
सिक्स फिगर सैलरी की बात करें, तो इसे युवा नौकरीपेशाओं के बीच एक बेंचमार्क मान लिया गया है. लेकिन हकीकत यह हैं कि ज्यादा सैलरी पाने वाले युवा आईटी सेक्टर से आते हैं. जबकि बाकी अन्य 20-25 हज़ार की सैलरी की बीच ही मिलते हैं. और गिग वर्करों की बात करें, तो वह तो 20 हजार से भी काफी कम कमा पाते हैं. यानी जमीनी हकीकत पर बात करें, तो यह केवल एक ट्रेंड के रूप में ही देखने को मिल पाता है.
जेन जी और मिलेनियन के बीच फर्क..
दोनों जेनरेशन की बात करें तो नौकरी की शुरुआत जहां मिलेनियल डिग्री पाने के बाद करते हैं, तो वहीं जेन जी अपनी पढ़ाई के दौरान ही कम उम्र में ही नौकरी की शुरुआत कर देती हैं. साथ ही मिलेनियल एक ही जगह पर काफी लंबे समय तक काम करने में विश्वास रखते हैं, लेकिन जेन जी नया मौका पाते ही नौकरी बदलने में यकीन रखती है. पढ़ाई को लेकर भी मिलेनियल का मानना है कि फॉर्मल एजुकेशन ली जाए, तो वहीं जेन जी काम के दौरान मिलने वाले अनुभव को पढ़ाई मानती है. मिलेनियल मानते हैं उनकी सैलरी धीरे-धीरे बढ़ेगी और वह इससे संतुष्ट रहते हैं, लेकिन जेन जी जल्द से जल्द ज्यादा सैलरी पाने की हौड़ में लगी रहती है.
हवाबाज़ी और जमीनी हकीकत
1 लाख रुपए प्रति महीना कमाने वाली बात बेशक युवाओं के बीच एक ट्रेंड बन गया हो, लेकिन सच को इससे कोसों दूर हैं. कम उम्र में करियर की शुरुआत करने वाले जेन जी युवा आमतौर पर बहुत ज्यादा सैलरी नहीं पाते, क्योंकि बहुत ज्यादा सैलरी पाने वाली पोस्ट तकनीक, एआई और ग्लोबल लेवल पर काम करने वाली कंपनियों में ही मिल पाती है. बेशक जेन जी का कुछ हिस्सा इन बड़ी इनकम वाली सैलरी वाले सेगमेंट में एंटर कर पा रहा हो, लेकिन केवल थोड़े से हिस्से से यह नहीं माना जा सकता कि सब इतना ही कमा रहे हैं.