ISRO
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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की स्थापना काल के 50 साल पूरे होने पर गोल्डन जुबली समारोह मनाया जा रहा है. इसके तहत स्कूलों में छात्र-छात्राओं के बीच कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. समस्तीपुर के एक स्कूल में इसरो द्वारा छात्रों के ज्ञानवर्धन को लेकर एक दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया गया. इसमें छात्रों ने इसरो से संबंधित कई कलाकृतियां को बनाया, जिसमें मिसाइल से लेकर सैटेलाइट तक को दर्शाया गया. इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों के बीच क्विज प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया. इसमें सफल विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया.
देश सेवा से जुड़ने के लिए कार्यक्रम किया गया आयोजित
इसरो की स्थापना 6 सितंबर 1976 को किया गया था. इसरो स्थापना के 50 साल पूरा होने को लेकर गोल्डन जुबली मना रहा है. समस्तीपुर के होली मिशन में इसरो द्वारा छात्रों को जागरूक करने, देश सेवा से जुड़ने के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया. इसमें इसरो के बड़े वैज्ञानिक ने भाग लिया. इसरो के प्रोग्राम डायरेक्टर इम्तियाज अहमद ने बताया कि बहुत सारे सैटेलाइट अभी देश में लॉन्च होने वाले हैं. अर्थ ऑब्जरवेशन सैटेलाइट लांच होने के लिए तैयार हो रहे हैं. एनएसआईएल सैटेलाइट लॉन्च होगी. महत्वपूर्ण आंतरिक मिशन पर काम हो रहा है. देश में 80 से ज्यादा महत्वपूर्ण सैटेलाइट मिशन पर काम हो रहा है.
बच्चों को कर रहे जागरूक
देश में सैटेलाइट एप्लीकेशंस है. साइंटिफिक इन्नोवेशंस है. डिजास्टर मैनेजमेंट है. हमारे सिक्योरिटीज के लिए, नेविगेशन पर्पस के लिए. वेदर फोरकास्टिंग के लिए सैटेलाइट का इस्तेमाल होगा. कम्युनिकेशन के लिए सैटेलाइट का इस्तेमाल होगा. गगनयान के लिए जो रिक्वायरमेंट है, उसको गगनयान पूरा करेगा. सिग्नल को अर्थ पर पहुंचने के लिए IVRS मिशन है. वह सैटेलाइट हमारा लांच होने वाला है. प्रोग्राम डायरेक्टर ने बताया कि आर्यभट सैटेलाइट लॉन्च होने के 50 साल पूरे हो गए हैं. हम लोग रिमोट प्लेस में जहां-जहां पॉसिबल है, स्टूडेंट्स से जाकर मिल रहे हैं. इसरो का ऑफिस प्रोग्राम है, जहां पर बच्चों से मिलकर बच्चों को इंस्पायर कर रहे हैं कि क्या-क्या पॉसिबल है. देश में क्या-क्या चीज हो रही है. बच्चे इसरो जैसे संस्थाओं से जाकर जुड़ें. साइंस टेक्नोलॉजी से जुड़ें. उनके लिए इंस्पिरेशन हो, यह हमारा उद्देश्य है. यह आउटेज प्रोग्राम है. बच्चों में बहुत ज्यादा पोटेंशियल और उनके बीच काफी जिज्ञासा है, खासकर चंद्रयान लॉन्च के बाद, आदित्य के बाद बच्चों में और भी जिज्ञासा बढ़ गई. इसरो सेंटर आफ एक्सीलेंस है और बच्चे उससे जुड़ना चाहते हैं, उसके बारे में जानना चाहते हैं. बच्चों को यह भी जिज्ञासा है की इसरो को कैसे ज्वॉइन करें. इसको लेकर क्विज कंपटीशन, पेंटिंग कंपटीशन, मेमोरी कंपटीशन आदि कराया जा रहा है. छोटे-छोटे बच्चों ने मिसाइल सैटेलाइट का ऐसा मॉडल बनाया कि आप सोच भी नहीं सकते हैं.