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Motihari DM Saurabh Suman Yadav: जब चलती क्लास में घूस गए डीएम साहब, किया कुछ ऐसा कि हैरान हुआ प्रशासन

बिहार के पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) जिले से प्रशासनिक संवेदनशीलता और शिक्षा के प्रति समर्पण की एक प्रेरक तस्वीर सामने आई है. अरेराज प्रखंड स्थित सरस्वती विद्या निकेतन (मॉडल स्कूल), मलाही के छात्र उस समय अचंभित रह गए जब उनके जिले के जिलाधिकारी खुद शिक्षक बनकर ब्लैकबोर्ड के सामने खड़े हो गए.

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डीएम साहब पढ़ाते हुए डीएम साहब पढ़ाते हुए

मोतिहारी के एक सरकारी विद्यालय के बच्चों ने शायद कभी नहीं सोचा होगा कि एक दिन उनके जिलाधिकारी खुद उनकी कक्षा में आकर उन्हें पढ़ाएंगे. लेकिन अरेराज प्रखंड के सरस्वती विद्या निकेतन में निरीक्षण के दौरान कुछ ऐसा ही देखने को मिला. पूर्वी चंपारण के जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव स्कूल पहुंचे और निरीक्षण के बाद खुद शिक्षक की भूमिका में नजर आए.

निरीक्षण करने पहुंचे थे जिलाधिकारी
दरअसल, जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने अरेराज प्रखंड अंतर्गत सरस्वती विद्या निकेतन (मॉडल स्कूल), मलाही का दिन में करीब 1:15 बजे निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने विद्यालय में चल रही पढ़ाई को देखा और शिक्षा साथी ऐप के उपयोग की जानकारी भी ली. निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी ने बच्चों से बातचीत की और उनकी पढ़ाई को करीब से समझने की कोशिश की.

एक घंटे तक बच्चों को पढ़ाया गणित
इस दौरान नौवीं कक्षा के बच्चों के साथ जिलाधिकारी करीब एक घंटे तक रहे और उन्हें गणित पढ़ाया. पढ़ाई के दौरान उन्होंने बच्चों से गणित के कुछ गूढ़ सवाल भी हल करवाए. खास बात यह रही कि बच्चों ने जिलाधिकारी की ओर से पूछे गए इन सवालों को सटीक तरीके से हल किया. इसके बाद जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने बच्चों को हिंदी और अंग्रेजी विषय भी पढ़ाया.

शिक्षक के रूप में डीएम को देखकर बच्चों में उत्साह
जिलाधिकारी को अपने बीच शिक्षक के रूप में देखकर बच्चों में उत्सुकता देखते ही बन रही थी. स्कूल में निरीक्षण के लिए पहुंचे जिलाधिकारी जब खुद पढ़ाने लगे तो वहां का माहौल भी बदल गया. बच्चों के लिए यह मौका इसलिए भी खास रहा क्योंकि उनके जिलाधिकारी खुद उनके साथ बैठकर पढ़ाई कर रहे थे और उनकी जटिल समस्याओं को समझते हुए उन्हें हल करने का तरीका बता रहे थे.

बच्चों ने पूछा- अगली बार कब आएंगे सर?
जिलाधिकारी के साथ समय बिताने के बाद बच्चों ने उनसे विनम्र आग्रह किया कि वह अगली बार फिर स्कूल कब आएंगे. बच्चों ने कहा कि वे उनके दोबारा आने का इंतजार करेंगे. बच्चों की इस बात को जिलाधिकारी ने भी स्वीकार किया. उन्होंने कहा कि अगली बार जब भी वह क्षेत्र में आएंगे, तो दोबारा बच्चों के साथ जुड़ेंगे. विद्यालय में चल रही पठन-पाठन की व्यवस्था को लेकर जिलाधिकारी ने संतोष जताया. साथ ही उन्होंने वहां मौजूद सभी शिक्षकों को अभिभावक की तरह बच्चों पर ध्यान रखने का निर्देश दिया. इस तरह स्कूल का यह निरीक्षण बच्चों के लिए एक अलग अनुभव बन गया, जहां अधिकारी सिर्फ व्यवस्था देखने नहीं पहुंचे, बल्कि कुछ समय के लिए खुद शिक्षक बनकर बच्चों को पढ़ाते भी नजर आए.
 

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