RGPV
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मध्य प्रदेश की तकनीकी शिक्षा के सबसे बड़े नामों में शामिल राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय यानी RGPV अब सियासी घमासान के केंद्र में है. 26 साल पुरानी इस यूनिवर्सिटी को तीन हिस्सों में बांटने और नाम बदलने के प्रस्ताव ने सवाल खड़े कर दिए हैं. सवाल यह है कि यूनिवर्सिटी के टुकड़े होंगे, तो प्रशासन बढ़ेगा, खर्च बढ़ेगा और आर्थिक बोझ आखिरकार छात्रों और सरकार पर आएगा. दावा है कि तीन विश्वविद्यालय बनने पर हर साल 30 से 40 करोड़ रुपए का अतिरिक्त प्रशासनिक खर्च हो सकता है, जबकि नए भवन और इंफ्रास्ट्रक्चर पर करीब 200 करोड़ रुपए तक खर्च होने का अनुमान है. यूनिवर्सिटी स्टाफ से लेकर विपक्षी दल तक पूछ रहे हैं कि फंड कहां से आएगा.
कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
सालों से मध्य प्रदेश के इंजीनियरिंग और तकनीकी शिक्षा के छात्रों की पहचान रहा RGPV, अब खुद अपनी पहचान बचाने की बहस में है. एक तरफ कांग्रेस इसके नाम से राजीव गांधी का नाम हटने का विरोध कर रही है तो वहीं अब यूनिवर्सिटी का स्टाफ इसके 2 टुकड़े करने के खिलाफ खड़ा हो गया है. गुरुवार को यूनिवर्सिटी के कर्मचारियों ने सरकार के इसके तीन टुकड़े करने के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन किया. कर्मचारियों ने कहा कि यूनिवर्सिटी सेल्फ फाइनेंस्ड है जिससे सैलरी से लेकर दूसरे खर्चे पूरे होते हैं ऐसे में तीन टुकड़े होने पर आर्थिक समस्याएं सामने आ सकती हैं. कर्मचारियों ने कहा कि सरकार यदि यूनिवर्सिटी के 3 टुकड़े कर रही है तो कम से कम ये सुनिश्चित कर ले कि आय का स्रोत उसका हो ना कि यूनिवर्सिटी का नहीं तो आर्थिक समस्याएं सामने होंगी.
अब आते हैं सबसे बड़े सवाल पर जो है पैसा...
एक विश्वविद्यालय में कुलपति, कुलसचिव, परीक्षा नियंत्रक से लेकर प्रशासनिक और गैर-शैक्षणिक अमला होता है. अगर RGPV के तीन अलग विश्वविद्यालय बनते हैं, तो क्या इन पदों और पूरे प्रशासनिक ढांचे की तीन-तीन जरूरत नहीं होगी? 3 टुकड़े होने पर हर साल 30 से 40 करोड़ रुपए का अतिरिक्त प्रशासनिक खर्च बढ़ सकता है. यानी सवाल सिर्फ यूनिवर्सिटी के बंटवारे का नहीं, हर साल निकलने वाले करोड़ों रुपए का भी है.
तीन विश्वविद्यालय तो तीन प्रशासनिक ढांचे और जाहिर है इसके लिए नए कार्यालय, भवन और दूसरी सुविधाएं भी. कांग्रेस की छात्र विंग एनएसयूआई के रवि परमार का कहना है कि सरकार पहले ही कर्ज में डूबी हुई है, ऐसे में 3 यूनिवर्सिटी का खर्चा कैसे निकलेगा?
तीन बड़े सवाल
RGPV के तीन हिस्से करने का प्रस्ताव अब सिर्फ विश्वविद्यालय के पुनर्गठन का मामला नहीं रह गया है. इसके साथ जुड़े हैं तीन बड़े सवाल. शिक्षा का विस्तार या प्रशासन का विस्तार? व्यवस्था मजबूत होगी या खर्च बढ़ेगा? और सबसे बड़ा सवाल क्या तीन विश्वविद्यालय छात्रों को बेहतर तकनीकी शिक्षा देंगे या 26 साल पुरानी एक मजबूत व्यवस्था को तीन अलग-अलग ढांचों में बांट देंगे?