GARHWA NEET TOPER
GARHWA NEET TOPER
मेहनत, धैर्य और परिवार के भरोसे ने आखिरकार ज्ञानेंद्र गर्व को वह मुकाम दिला दिया, जिसका सपना उन्होंने वर्षों से देखा था. NEET 2026 में 676 अंक हासिल कर ज्ञानेंद्र ने झारखंड टॉप किया है. पिछले साल पेपर रद्द होने से वह काफी निराश हो गए थे, लेकिन माता-पिता, शिक्षकों और दोस्तों के हौसले ने उन्हें दोबारा खड़े होने की ताकत दी. आज उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने पूरे राज्य में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा दिया.
ज्ञानेंद्र गर्व की शुरुआती पढ़ाई रांची के श्यामली स्कूल से हुई है. स्कूल के दिनों से ही वह पढ़ाई में हमेशा अव्वल रहे. नर्सरी से लेकर 12वीं तक उनका शैक्षणिक रिकॉर्ड शानदार रहा. इंटरमीडिएट परीक्षा में भी उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन किया था. लगातार मेहनत और अनुशासन ने उन्हें इस सफलता तक पहुंचाया.
पेपर रद्द होने के बाद नहीं मानी हार
ज्ञानेंद्र ने बताया कि पिछले साल NEET परीक्षा रद्द होने के बाद वह काफी नर्वस और निराश हो गए थे. उन्हें लगा कि उनकी मेहनत बेकार चली गई. ऐसे समय में उनकी शिक्षक मां, अधिकारी पिता और दोस्तों ने उनका हौसला बढ़ाया. परिवार के सहयोग से उन्होंने दोबारा तैयारी शुरू की और पूरे आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दी. इसी का नतीजा है कि इस बार उन्होंने 676 अंक हासिल कर झारखंड में पहला स्थान प्राप्त किया.
अच्छा डॉक्टर बनकर करना चाहते हैं सेवा
ज्ञानेंद्र का कहना है कि उनका सपना एक सफल और संवेदनशील डॉक्टर बनना है. वह लोगों की सेवा करना चाहते हैं और समाज के लिए कुछ बेहतर करना चाहते हैं. उनका मानना है कि कठिन परिस्थितियां इंसान को और मजबूत बनाती हैं.
बेटे की सफलता पर भावुक हुए पिता
ज्ञानेंद्र के पिता और गढ़वा के एसडीएम मयंक भूषण बेटे की इस उपलब्धि से बेहद खुश नजर आए. उन्होंने सबसे पहले बेटे को पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया और मिठाई खिलाकर बधाई दी. उन्होंने कहा कि हर पिता का सपना होता है कि उसका बेटा जीवन में अच्छा करें. पिछले साल पेपर रद्द होने के कारण ज्ञानेंद्र को काफी निराशा झेलनी पड़ी थी, लेकिन उसने हार नहीं मानी. आज उसकी सफलता पूरे परिवार के लिए गर्व का क्षण है. उन्होंने यह भी कहा कि गढ़वा जैसे जिले में रहते हुए उनके बेटे की यह उपलब्धि पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा है.
रिपोर्टर: चंदन कश्यप
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