UP topper Aryan Dubey
UP topper Aryan Dubey
NEET पेपर लीक की वजह से इस वर्ष ये परीक्षा विवादों में रही तो दुबारा हुई RE-NEET परीक्षा के परिणाम भी घोषित हो गए है. जिसमें वाराणसी के आर्यन दुबे ने न केवल पूरे उत्तरप्रदेश में टॉप किया है, बल्कि AIR 7वा रैंक हासिल किया है. खास बात ये है कि आर्यन भी बाकी छात्रों की तरह NEET पेपर आउट के चलते कई दिनों तक हताश और परेशान हो गए थे. लेकिन उसके IIT-BHU में शिक्षक पिता और IMS-BHU में वैज्ञानिक रही माँ ने उसका हौसला टूटने नहीं दिया. हालांकि आर्यन शुरू से ही मेधावी और सेल्फ मोटिवेटेड रहे. उसकी इच्छा आगे चलकर न्यूरो सर्जन बनने की है.
डीपीएस वाराणसी से पढ़ाई-
आर्यन ने बताया कि वे पांचवी कक्षा से DPS वाराणसी का छात्र है. उसने 10वी में 97.6% तो 12वी में 98.2% अंक हासिल किया था तो JEE मेंस में भी 99.699 अंक हासिल किया था. तो इस बार RE-NEET में 720 में से 710 अंक हासिल करके न केवल यूपी टॉप किया है, बल्कि AIR 7th रैंक हासिल किया है.
मां-बाप ने हौसला नहीं टूटने दिया-
आर्यन ने बताया कि इस वर्ष NEET में उसका 720 अंक में से 715 अंक आया था. पेपर लीक होने के बाद काफी दुखी और निराश हो गया था, लेकिन माँ-पिता और टीचर्स ने समझाया कि अपने हाथ मे सिर्फ तैयारी करना ही है. 10 दिन पढ़ाई भी नही हुई, लेकिन बाद में रिकवरी कर लिया. RE-NEET अच्छा साबित हुआ मेरे लिए.
8-10 घंटे की पढ़ाई की- आर्यन
उसने आगे बताया कि रोज वे 8 से 10 घंटा पढ़ाई करता है और कोचिंग जाने के पहले जरूर डेढ़ घंटा सेल्फ स्टडी करना है. स्कूल जाने के पहले भी डेढ़ घंटा पढ़ता है और कोचिंग से आकर फिर 5 घंटे की पढ़ाई करनी है. टाइम टेबल बना लिया तो इतने वक्त पढ़ना ही है. चाहे मन हो या न हो.
क्या थी आर्यन की स्ट्रेटजी-
उसने अपनी स्ट्रेटजी बताया कि अगर परीक्षा में अच्छा स्कोर करना है तो चीजों को बार-बार पढ़ना पड़ता है. उसने बताया कि पढ़ाई की कंसिस्टेंसी बनाए रखना और प्रयास करते रहना है. उसने बताया कि वह अपने सिलेक्शन को तो लेकर आश्वस्त था, लेकिन इस बात को लेकर स्योर नहीं, ताकि दोबारा रीनीट में अच्छा होगा ही.
न्यूरो सर्जन बनने का है सपना-
उसने आगे बताया कि वे भविष्य में न्यूरो सर्जन बनना चाहता है. अपने शौक के बारे में उसने बताया कि वह बचपन में तबला बजाया करता था, लेकिन दसवीं में जाने पर समय नहीं मिला और उसे चेस खेलना भी काफी पसंद है. क्योंकि चेस खेलने से थिंकिंग कैपेसिटी बढ़ती है. उसने बताया कि म्यूजिक सुनना अभी भी उसे काफी पसंद है. क्योंकि उससे रिलैक्सेशन होता है.
तैयारी करने वाले बच्चों से क्या कहा?
आर्यन ने बताया कि बाकी तैयारी करने वाले बच्चों से वह कहना चाहता है कि कभी हार नहीं मानना चाहिए और अपने शुरुआत के दो-तीन वर्षों में जितना ज्यादा से ज्यादा मेहनत और कोशिश कर सकते हैं, उतनी जरूर करें, ताकि आगे चलकर मन में मलाल ना हो की मेहनत कम पड़ गई.
पिता IIT BHU में टीचर-
टॉपर आर्यन दुबे के पिता वाराणसी के आईआईटी बीएचयू में बायोकेमिकल विभाग में शिक्षक है और साथ ही रैंकिंग कोऑर्डिनेटर भी है. तो वहीं उनकी मां मोनू पांडे IMS-BHU में साइंटिस्ट रह चुकी है. उनके पिता ने बताया कि उनको अपने बच्चों को कभी भी पढ़ाई के लिए कहना नहीं पड़ा. समय-समय पर आर्यन को मोटिवेट करते रहते हैं, लेकिन वह खुद सेल्फ मोटिवेटेड रहा है. आर्यन की मां ने तो अपना काम छोड़कर आर्यन के लिए घर पर ही रहना स्वीकार किया, ताकि बच्चों पर ध्यान दिया जा सके. इसलिए उनका ज्यादा योगदान रहा है. थोड़ी दिक्कत नीट परीक्षा पेपर लीक होने की वजह से जरूर हुई थी. लेकिन उन्होंने अपने बच्चे का मनोबल गिरने नहीं दिया.
आर्यन की मां ने क्या कहा?
आर्यन की मां मोनू पांडे ने बताया कि नीट परीक्षा कैंसिल होने की वजह से बच्चा डाउन तो हो गया था, लेकिन हम लोगों ने उसे काफी समझाया कि सब कुछ अपने हाथ में नहीं है. हमारे हाथ में सिर्फ मेहनत करना है. आर्यन शुरू से ही ईमानदारी से मेहनती रहा है. इसलिए उसका अच्छा प्रदर्शन करना तो मालूम था. उन्होंने बताया कि उनका बलिदान इतना बड़ा रंग लाया है. जिससे वह काफी खुश है और इस बात की भी खुशी है कि आर्यन आगे चलकर डॉक्टर बनेगा और समाज की सेवा करेगा. आर्यन की बहन प्रकृति दुबे भी काफी मेधावी छात्रा है और अभी 11वीं में पढ़ रही हैं. उसका कहना है कि वह अपने भाई से काफी इंस्पायर्ड है और उसी की तरह वे भी अच्छा रैंक लाकर उसी की कॉलेज में एडमिशन लेना चाहती है.
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