Students (File Photo)
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उत्तर प्रदेश की राज्यपाल और राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों (कॉलेजों) में विद्यार्थियों के लिए यूनिफॉर्म व्यवस्था अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश दिए हैं. बुधवार को राजभवन में जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय, बलिया से संबद्ध शासकीय और वित्तपोषित महाविद्यालयों की समीक्षा बैठक के दौरान राज्यपाल ने यह बड़ा फैसला सुनाया.
क्यों और कैसे लागू होगा यह नियम?
1. एकरूपता लाना है मकसद: वर्तमान में यूपी के कुछ महिला कॉलेजों और सेल्फ-फाइनेंस (स्ववित्तपोषित) पाठ्यक्रमों में तो ड्रेस कोड लागू है, लेकिन अधिकांश राज्य विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों में छात्र सामान्य कपड़ों में आते हैं. अब नए आदेश के तहत सभी संस्थान अपने स्तर पर मनपसंद रंग और डिजाइन तय कर यूनिफॉर्म लागू करेंगे, जिससे पूरे कैंपस में एकरूपता बनी रहे.
2. शिक्षकों की गरिमा पर कड़ा रुख: बैठक के दौरान हाल ही में लखनऊ विश्वविद्यालय के ज्यू जूलॉजी विभाग में एक शिक्षक द्वारा छात्रा को परेशान करने और पेपर लीक करने के कथित मामले पर राज्यपाल ने सख्त नाराजगी जताई. उन्होंने दो टूक कहा कि शिक्षक ऐसा कोई काम न करें जिससे गुरु की गरिमा को ठेस पहुंचे. सभी शिक्षकों को समय पर कक्षाएं लेने और छात्रों की उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा गया है.
3. रोजगारपरक और वोकेशनल कोर्स पर जोर: छात्राओं को आत्मनिर्भर और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए राज्यपाल ने कॉलेजों को शॉर्ट-टर्म वोकेशनल कोर्स शुरू करने के निर्देश दिए.
इनमें प्रमुख रूप से ये हैं शामिल
1. जीएसटी (GST) और अकाउंटेंसी
2. ब्यूटीशियन और मेहंदी कोर्स
3. बिंदी निर्माण
4. मिलेट (मोटे अनाज) आधारित व्यंजन बनाना
4. छात्रों की समस्याओं के निदान के लिए कमेटी: सभी कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज में एक विशेष समिति (कमेटी) बनाई जाएगी, जहां छात्र-छात्राएं बिना किसी डर या झिझक के अपनी शिकायतें और समस्याएं खुलकर साझा कर सकेंगे. इसके अलावा दुर्लभ पुस्तकों के डिजिटलाइजेशन और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स (जैसे इन्फ्लिबनेट) के इस्तेमाल को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया है. राज्यपाल के इस निर्देश के बाद, अब उत्तर प्रदेश के सभी उच्च शिक्षण संस्थान अपने स्तर पर यूनिफॉर्म के रंग, पैटर्न और इसे लागू करने की समय-सीमा का खाका तैयार करेंगे.