School Students (File Photo: PTI)
School Students (File Photo: PTI)
जब भी किसी बच्चे के करियर या अच्छे स्कूल की बात होती है, तो कई पैरेंट्स के दिमाग में सबसे पहले सैनिक स्कूल का नाम जरूर आता है. लेकिन इसके बावजूद बहुत से माता-पिता एडमिशन कराने की पहल नहीं करते. इसकी सबसे बड़ी वजह यही सोच होती है कि सैनिक स्कूल में पढ़ने का मतलब सीधे सेना में जाना होता है. जबकि सच्चाई यह है कि सैनिक स्कूल सिर्फ सैनिक नहीं बनाता, बल्कि बच्चों को मजबूत, जिम्मेदार और आत्मनिर्भर इंसान भी बनाता है. यहां पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों में डिसिप्लिन, कॉन्फिडेंस और लीडरशिप जैसी खूबियां भी विकसित की जाती हैं. आइए जानते हैं कि सैनिक स्कूल में पढ़ाई के अलावा और क्या-क्या सिखाया जाता है.
पढ़ाई के साथ लाइफ स्किल्स की मजबूत ट्रेनिंग
सैनिक स्कूल में पढ़ाई का पैटर्न बिल्कुल सामान्य स्कूलों जैसा ही होता है, लेकिन यहां बच्चों की दिनचर्या काफी व्यवस्थित और अनुशासन वाली होती है. दिन की शुरुआत सुबह जल्दी उठने, फिजिकल ट्रेनिंग और फिर तय समय पर क्लास जाने से होती है. पूरा दिन एक सटीक टाइम टेबल के अनुसार चलता है, जिससे बच्चों में समय की कीमत समझने और जिम्मेदारी निभाने की आदत अपने आप आ जाती है.
यहां ड्रिल, परेड, एनसीसी और खेलकूद बच्चों के रोजमर्रा के जीवन का हिस्सा होते हैं. इससे वे टीमवर्क सीखते हैं और उनमें नेतृत्व करने की क्षमता भी मजबूत होती है. साथ ही स्कूल में डिबेट, क्विज, ड्रामा और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी लगातार आयोजित होते रहते हैं, जिससे बच्चों का आत्मविश्वास और कम्युनिकेशन स्किल बेहतर होता है.
कौन से बोर्ड से जुड़े होते हैं सैनिक स्कूल?
अधिकतर सैनिक स्कूल CBSE बोर्ड से संचालित होते हैं. यानी यहां का सिलेबस वही रहता है जो बाकी CBSE स्कूलों में पढ़ाया जाता है. जैसे मैथ्स, साइंस, सोशल साइंस, इंग्लिश और हिंदी आदि. फर्क बस इतना होता है कि यहां पढ़ाने का तरीका थोड़ा ज्यादा सख्त, अनुशासित और प्रैक्टिकल होता है.
सैनिक स्कूल का एक मुख्य उद्देश्य बच्चों को NDA और अन्य डिफेंस अकादमियों की तैयारी के लिए सक्षम बनाना है. इसी वजह से यहां बच्चों को खास ट्रेनिंग, फिटनेस रूटीन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट क्लासेस भी दी जाती हैं.
हर फील्ड में शानदार करियर
यह जरूरी नहीं कि सैनिक स्कूल से पढ़ा हर बच्चा सेना में ही जाए. कई छात्र आगे चलकर डॉक्टर, इंजीनियर, IAS, IPS, और बिजनेस जैसे क्षेत्रों में भी बड़ी सफलता हासिल करते हैं. सैनिक स्कूल से पढ़े बच्चों की सबसे बड़ी खासियत यह होती है कि वे एकेडमिकली भी मजबूत होते हैं और फिजिकली भी फिट रहते हैं. अनुशासन और आत्मविश्वास के कारण उनमें मुश्किल परिस्थितियों को संभालने की क्षमता भी काफी बेहतर होती है.