scorecardresearch

Lok Sabha Election Results 2024: शिवसेना बनाम शिवसेना में, दो बार काउंटिंग के बाद, सिर्फ 48 वोटों से जीता शिंदे गुट का प्रत्याशी

मुंबई उत्तर-पश्चिम निर्वाचन क्षेत्र में बेहद कम वोटों के अंतर के कारण जीत का सिलसिला शिवसेना के एक गुट से दूसरे गुट में चला गया. इस सीट के लिए दो बार पोस्टल बैलेट्स की काउंटिंग हुई.

Advertisement
Sena vs Sena in Maharashtra Sena vs Sena in Maharashtra

लोक सभा चुनाव 2024 के परिणाम सबके लिए हैरानी भरे रहे. खासकर महाराष्ट्र की सियासी लड़ाई पर सबकी नजर थी क्योंकि यहां शिव सेना (शिंदे गुट) बनाम शिव सेना (उद्धव गुट) थी. और शिवसेना (शिंदे) के रवींद्र वायकर ने मुंबई उत्तर-पश्चिम सीट पर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के अमोल गजानन कीर्तिकर के खिलाफ सिर्फ 48 वोटों से जीत हासिल की. 

ईवीएम की गिनती के बाद कीर्तिकर 1 वोट से आगे चल रहे थे, लेकिन कांटे की टक्कर वायकर को 4,52,644 वोट मिलने के साथ समाप्त हुई, जबकि कीर्तिकर को 4,52,596 वोट मिले. ईवीएम वोटों की गिनती का पहला दौर शाम करीब 6.30 बजे समाप्त हुआ, जिसमें कीर्तिकर को सबसे कम अंतर यानी एक वोट से बढ़त मिली. हालांकि, पोस्टल वोट के जुड़ने से सारा हिसाब बदल गया और रायकर 48 मतों से जीत गए. 

दो बार हुई पोस्ट वोटों की गिनती 
लगभग 3,000 पोस्टल वोटों में से लगभग 111 को अवैध के रूप में खारिज कर दिया गया था. इसके बाद काउंटिंग एजेंट्स को ईसीआई की हैंडबुक के नियम 7.6 को फॉलो करना पड़ा, जिसके मुताबिक अगर जीत का अंतर अमान्य के रूप में खारिज किए गए पोस्टल बैलेट्स की संख्या से कम है, तो रिटर्निंग अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से इनवैलिड या अमान्य पोस्टल बैलेट्स को फिर से वेरिफाई करना चाहिए. इसके बाद एक बार फिर से पोस्टल बैलेट्स की काउंटिंग की गई.

सम्बंधित ख़बरें

रात करीब 8 बजे तक वायकर को विजेता घोषित कर दिया गया. पोस्टल बैलेट्स की दो बार गिनती के बाद, और ECI वेबसाइट पर कीर्तिकर को फिर से एक वोट से आगे दिखाने के बावजूद, रात 9 बजे तक वायकर की 48 वोटों से जीत दर्ज की गई. वायकर की जीत की निर्णायक घोषणा के बाद, जश्न शुरू हो गया. 

सबसे कम अंतर की जीत 
लोकसभा चुनाव के इतिहास में सबसे कम अंतर की जीत के बाद वायकर और कीर्तिकर मतगणना केंद्र से चले गए. वायकर ने मीडिया से कहा, "कीर्तिकर मुझसे मिलने आए और मैंने दोबारा काउंटिंग के दौर में मामूली अंतर से मिली हार के लिए उनसे माफी मांगी. मैं 48 वोटों से जीता, लेकिन अटल बिहारी वाजपेयी सिर्फ एक वोट से अपनी सरकार हार गए. इससे पता चलता है कि एक-एक वोट महत्वपूर्ण है.'

कीर्तिकर ईवीएम वोटों में 1 वोट से आगे थे, वहीं, वायकर को कीर्तिकर के 1,501 की तुलना में 1,550 पोस्टल बैलेट्स मिले, जिससे उन्हें कुल 4,52,596 वोटों से जीत मिली. कीर्तिकर के कुल वोट 4,52,596 थे. हालाकि, लड़ाई अभी भी ख़त्म नहीं हुई है. शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि उन्हें गिनती में गड़बड़ी का संदेह है और वे इस परिणाम को अदालत में चुनौती देंगे.