Prashant Kishor and Abhishek Kumar
Prashant Kishor and Abhishek Kumar
बिहार में बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए 30 जुलाई को वोटिंग होगी और 3 अगस्त को नतीजे आएंगे. इस उपचुनाव में 2 ऐसे उम्मीदवारों के बीच मुकाबला है, जो पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं. लेकिन दोनों का राजनीतिक अनुभव अलग-अलग क्षेत्रों में रहा है. भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अभिषेक कुमार को उम्मीदवार बनाया है, जबकि जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर पहली बार किसी चुनाव में उम्मीदवार बने हैं. दोनों ने पहले कभी चुनाव नहीं लड़ा, लेकिन वर्षों से अलग-अलग भूमिकाओं में राजनीति से जुड़े रहे हैं.
रणनीतिकार के तौर पर मशहूर हैं प्रशांत किशोर-
प्रशांत किशोर कई राजनीतिक दलों के चुनाव अभियानों में रणनीतिकार के तौर पर काम कर चुके हैं. वे 2014 के लोकसभा चुनाव में BJP के चुनाव अभियान से जुड़े थे, जिसके बाद नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने. इसके बाद 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में उन्होंने JD(U)-RJD-कांग्रेस महागठबंधन के चुनाव अभियान के साथ काम किया, जिसके बाद नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने. 2019 में वे आंध्र प्रदेश में YSR कांग्रेस पार्टी के चुनाव अभियान से जुड़े, जिसके बाद वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी मुख्यमंत्री बने. 2021 में उन्होंने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस के चुनाव अभियान के साथ काम किया, जहां ममता बनर्जी लगातार तीसरी बार मुख्यमंत्री बनीं. इसी वर्ष उन्होंने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में DMK के चुनाव अभियान के साथ भी काम किया, जिसके बाद एम.के. स्टालिन मुख्यमंत्री बने. इसके अलावा वे विभिन्न राज्यों में कई अन्य चुनाव अभियानों से भी जुड़े रहे हैं.
जन सुराज पार्टी बनाकर एक्टिव पॉलिटिक्स में उतरे-
सक्रिय राजनीति में आने की घोषणा के बाद प्रशांत किशोर ने बिहार में जन सुराज अभियान शुरू किया, जो बाद में जन सुराज पार्टी में परिवर्तित हुआ. अभियान के दौरान उन्होंने पूरे बिहार में पदयात्रा की और विभिन्न जिलों, कस्बों तथा गांवों में जनसंवाद कार्यक्रम किए. इसके बाद पार्टी ने राज्य में अपना संगठनात्मक विस्तार शुरू किया. बांकीपुर उपचुनाव पहला अवसर है, जब प्रशांत किशोर स्वयं चुनाव लड़ रहे हैं और मतदाताओं से सीधे जनादेश मांग रहे हैं.
संगठन में एक्टिव रहे हैं अभिषेक कुमार-
दूसरी ओर, BJP उम्मीदवार अभिषेक कुमार का राजनीतिक अनुभव मुख्य रूप से संगठन में काम करने का रहा है. BJP के अनुसार, वे लगभग तीन दशक से पार्टी से जुड़े हैं और इस दौरान उन्होंने विभिन्न संगठनात्मक जिम्मेदारियां निभाई हैं. वर्तमान में वे भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के बिहार प्रदेश उपाध्यक्ष हैं. जहां प्रशांत किशोर का अनुभव चुनावी रणनीति और अभियान प्रबंधन का रहा है, वहीं अभिषेक कुमार का अनुभव पार्टी संगठन के भीतर काम करने का रहा है.
BJP के अनुसार, अभिषेक कुमार लंबे समय से पार्टी संगठन में सक्रिय रहे हैं और उन्होंने विभिन्न नेताओं के साथ संगठनात्मक जिम्मेदारियां निभाई हैं. पार्टी बांकीपुर उपचुनाव में अपने संगठनात्मक नेटवर्क और NDA गठबंधन के सहयोग के साथ चुनाव लड़ रही है.
पिछले कई विधानसभा चुनावों में बांकीपुर सीट पर BJP को जीत मिली है. सीट रिक्त होने के बाद हो रहे इस उपचुनाव में BJP इस सीट को बरकरार रखने का प्रयास कर रही है, जबकि जन सुराज इस सीट पर अपनी पहली विधानसभा जीत दर्ज करने की कोशिश कर रहा है.
अभिषेक कुमार कायस्थ समुदाय से आते हैं, जिसकी बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में उल्लेखनीय उपस्थिति मानी जाती है. बिहार में उम्मीदवारों के चयन के दौरान राजनीतिक दल विभिन्न सामाजिक और संगठनात्मक पहलुओं पर भी विचार करते हैं.
पहली बार चुनावी मैदान में उतरे हैं दोनों उम्मीदवार-
दोनों उम्मीदवारों के लिए यह पहला चुनाव है. प्रशांत किशोर विभिन्न राजनीतिक दलों के लिए चुनावी रणनीति तैयार करने के बाद पहली बार स्वयं चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि अभिषेक कुमार लंबे संगठनात्मक अनुभव के बाद पहली बार उम्मीदवार बने हैं.
इस लिहाज से बांकीपुर उपचुनाव केवल BJP और जन सुराज के बीच मुकाबला नहीं है, बल्कि दो अलग-अलग राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले प्रथम बार के उम्मीदवारों के बीच भी सीधी टक्कर है. मतगणना के बाद यह स्पष्ट होगा कि पहली बार चुनाव लड़ रहे इन दोनों उम्मीदवारों में से किसे बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के मतदाता अपना प्रतिनिधि चुनते हैं.
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