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बांकीपुर में BJP Vs प्रशांत किशोर? सबसे ज्यादा चर्चा किसकी? क्या है सीट का समीकरण

बिहार में बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव 30 जुलाई को होगा. जबकि नतीजे 3 अगस्त को आएंगे. इस बीच इस सीट पर सभी दलों में उम्मीदवारों को लेकर मंथन चल रहा है. सबसे ज्यादा चर्चा बीजेपी और जन सुराज को लेकर है. माना जा रहा है कि इस सीट पर जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर मैदान में उतर सकते हैं.

Nitin Nabin and Prashant Kishor (Photo/PTI) Nitin Nabin and Prashant Kishor (Photo/PTI)

बिहार की सबसे चर्चित विधानसभा सीटों में शामिल बांकीपुर में उपचुनाव का बिगुल बज चुका है. चुनाव आयोग ने तारीखों का ऐलान कर दिया है. इसके साथ ही राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी रणनीति पर काम शुरू कर दिया है. सबसे ज्यादा चर्चा जन सुराज और बीजेपी को लेकर है.

बांकीपुर से चुनाव लड़ेंगे प्रशांत किशोर?
जन सुराज की ओर से लगभग तय माना जा रहा है कि पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर बांकीपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे. हालांकि, अंतिम फैसला 5 जुलाई को होने वाली पार्टी की कोर कमेटी की बैठक में लिया जाएगा. इसी दिन उम्मीदवार के नाम की आधिकारिक घोषणा भी की जाएगी.

अगर प्रशांत किशोर चुनाव मैदान में उतरते हैं तो यह चुनाव सिर्फ एक विधानसभा सीट का उपचुनाव नहीं रहेगा. इसे जन सुराज की राजनीतिक ताकत और बीजेपी के शहरी जनाधार की लड़ाई के तौर पर भी देखा जाएगा. 2025 बिहार विधानसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन के बाद प्रशांत किशोर की कोशिश से की एक बार फिर से पार्टी को बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के जरिए पुनर्जीवित करें.

4 दशक से बीजेपी का कब्जा-
ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि बीजेपी प्रशांत किशोर के मुकाबले किस चेहरे पर दांव लगाएगी. गौरतलब है कि बांकीपुर विधानसभा सीट पिछले चार दशक से भी अधिक समय से बीजेपी का मजबूत गढ़ रही है. इस सीट पर पार्टी का लगातार दबदबा रहा है. नितिन नवीन के बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद उनके इस्तीफे से यह सीट खाली हुई और अब यहां उपचुनाव कराया जा रहा है. ऐसे में बीजेपी किसी भी कीमत पर इस सीट को गंवाना नहीं चाहेगी.

क्या हैं बांकीपुर का समीकरण?
बांकीपुर पूरी तरह शहरी विधानसभा क्षेत्र है. यहां शिक्षित, मध्यम वर्ग और व्यापारी वर्ग के मतदाताओं की अच्छी संख्या है. कायस्थ समाज का इस सीट पर प्रभाव है. इसके अलावा वैश्य, भूमिहार, ब्राह्मण, राजपूत, यादव, कुर्मी, अति पिछड़ा वर्ग, दलित और मुस्लिम मतदाता भी चुनावी नतीजे को प्रभावित करते आये हैं. यही वजह है कि बीजेपी को अपना उम्मीदवार तय करते समय सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखना बेहद जरूरी है.

बीजेपी की तरफ से कौन?
बीजेपी की ओर से सबसे ज्यादा चर्चा नील रतन घोष के नाम की है. नील रतन घोष लंबे समय से पार्टी से जुड़े हैं और संगठन में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं. उन्हें नितिन नवीन का बेहद करीबी माना जाता है. दोनों परिवारों के बीच भी लंबे समय से अच्छे संबंध बताए जाते हैं. नील रतन घोष कायस्थ समाज से आते हैं. यही कारण है कि उन्हें सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है.

अजय आलोक भी रेस में-
दूसरा बड़ा नाम बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. अजय आलोक का है. अजय आलोक पेशे से डॉक्टर हैं और राजनीति में लंबा अनुभव रखते हैं. उन्होंने 2005 में कैमूर के चैनपुर विधानसभा क्षेत्र से लोक जनशक्ति पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा था. इसके बाद 2010 में बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर भी चुनाव मैदान में उतरे. वर्ष 2012 में वह जनता दल (यूनाइटेड) में शामिल हुए और बाद में बीजेपी का हिस्सा बने. अजय आलोक भी कायस्थ समाज से आते हैं. पार्टी का चर्चित और डिबेट के जरिए आक्रामक छवि बनाने वाले अजय आलोक को भी बांकीपुर से मजबूत दावेदार माना जा रहा है.

कई और नाम भी रेस में-
संभावित उम्मीदवारों की सूची में आशीष सिन्हा का नाम भी शामिल है. आशीष सिन्हा, बीजेपी के वरिष्ठ नेता और बांकीपुर के पूर्व विधायक अरुण सिन्हा के बेटे हैं. अरुण सिन्हा कई बार इस सीट का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. हालांकि, 2025 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने उनका टिकट काट दिया था. ऐसे में चर्चा है कि बीजेपी इस बार उनके परिवार को फिर से मौका देकर पुराने कार्यकर्ताओं और समर्थकों को साधने की कोशिश कर सकती है.

रितु जायसवाल का नाम भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है. हाल ही में आरजेडी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुईं रितु जायसवाल वैश्य समाज से आती हैं. अगर बीजेपी महिला उम्मीदवार या नए सामाजिक समीकरण पर दांव लगाती है तो उनका नाम भी आगे आ सकता है. हालांकि, अभी तक पार्टी की ओर से किसी भी नाम पर आधिकारिक मुहर नहीं लगी है.

किसके बीच होगा मुकाबला?
दूसरी ओर, आरजेडी को इस सीट पर बहुत मजबूत स्थिति में नहीं माना जाता. जानकारों का मानना है कि बांकीपुर शहरी सीट होने के कारण हमेशा से ही बीजेपी के पक्ष में रहा है. ऐसे में अगर प्रशांत किशोर चुनाव मैदान में उतरते हैं तो मुकाबला मुख्य रूप से बीजेपी और जन सुराज के बीच ही होगा.

तेज प्रताप यादव ने उतारा उम्मीदवार-
इस बीच लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव की पार्टी जनशक्ति जनता दल ने भी अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है. पार्टी ने सामाजिक कार्यकर्ता मीणा मानवी को बांकीपुर उपचुनाव के लिए मैदान में उतारा है.

5 जुलाई पर सबकी नजर-
अब सभी की नजर 5 जुलाई पर टिकी है. उस दिन जन सुराज प्रशांत किशोर के नाम पर अंतिम फैसला लेगी. वहीं बीजेपी भी अपने उम्मीदवार को लेकर मंथन पूरा कर सकती है. उम्मीदवारों के ऐलान के बाद ही बांकीपुर का चुनावी मुकाबला पूरी तरह साफ होगा. उपचुनाव के लिए 13 जुलाई को नामांकन की आखिरी तारीख है. 30 जुलाई को मतदान होगा और 3 अगस्त को नतीजे आएंगे.

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