Gujarat Civic Elections (Photo: Representational)
Gujarat Civic Elections (Photo: Representational)
गुजरात में 26 अप्रैल 2026 को होने वाले स्थानीय निकाय चुनाव के चुनावों के लिए तस्वीर साफ हो गई है. 10 हजार सीटों में से 730 सीटें निर्विरोध हुई हैं जबकी बाकी सीटों के लिए मतदान होगा. निर्विरोध हुईं सीटो में 15 नगर निगमों की 43 सीटें जो सभी भाजपा जीती है. नगरपालिका की 385 सीटें निर्विरोध हुईं हैं, जिसमें से 370 सीटें भाजपा की, 12 सीटें कांग्रेस की और 3 सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों की हैं.
किस पार्टी के कितने उम्मीदवार चुनावी मैदान में
तालुका पंचायत की 251 सीटें और जिला पंचायत की 51 सीटें निर्विरोध हुई हैं. निर्विरोध 730 सीटों में से 715 सीटें भाजपा को मिली है, जो अब तक के भाजपा के चुनावी इतिहास में सबसे ज्यादा है. पिछले निकाय चुनावों में यह आंकड़ा 240 सीटों के आसपास था. यदि उम्मीदवारों की संख्या पर नजर डालें तो भाजपा के सबसे ज्यादा 9,237 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं, जबकि कांग्रेस के 8,443 और आम आदमी पार्टी के 5,261 उम्मीदवार मैदान में हैं.
चुनावी प्रचार की संभाली जिम्मेदारी
भाजपा की और से चुनावी प्रचार की कमान मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल, उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी और प्रदेश अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा ने संभाली है. उधर, इस चुनाव को जीतने की जिम्मेदारी कांग्रेस के अध्यक्ष अमित चावडा और सभी 11 विधायकों पर है. आप के मुख्य चेहरे उनके प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढवी, विधायक गोपाल इटालिया और विधायक चैतर वसावा है. भाजपा जहां पर 30 साल के विकास के नाम पर वोट मांग रही है तो कांग्रेस और आप 30 साल के भाजपा के भ्रष्टाचार और कुशासन के आरोप के साथ वोट मांग रहे है. वहीं 30 हजार मतदान केंद्रों और 50 हजार मतदान बूथों पर मतदान होगा, जिसे लेकर पुलिस प्रशासन ने तैयारी कर ली है. स्थानीय निकाय चुनावों से पहले गुजरात में कानून व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. मतदान प्रक्रिया को पारदर्शी और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए राज्य पुलिस बल को पूरी तरह अलर्ट पर रखा गया है.
व्यापक योजना बनाई
पूरे राज्य में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व्यापक योजना बनाई गई है. राज्य भर में लगभग 30 हजार मतदान केंद्रों और 50 हजार मतदान बूथों पर पुलिस की तैनाती की जाएगी. संवेदनशील और अति संवेदनशील बूथों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है. अंतरराज्यीय सीमाओं पर चेक पोस्ट स्थापित किए गए हैं. इसके साथ ही वाहनों की चेकिंग, शराबबंदी का कड़ाई से पालन और विदेशों में रहने वाले आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है. गैर-जमानती वारंट वाले आरोपियों को पकड़ने के लिए एक विशेष अभियान भी चलाया जा रहा है. राज्य पुलिस की पहली प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता बिना किसी डर के और स्वतंत्र रूप से अपना वोट डाल सकें. पुलिस व्यवस्था शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनावों के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है.
(ब्रिजेश दोशी की रिपोर्ट)