Thalapathy Vijay (File Photo: PTI)
Thalapathy Vijay (File Photo: PTI)
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद बहुमत से थोड़ा ही पीछे खड़ी सबसे बड़ी पार्टी तमिलगा वेट्री कषगम यानी टीवीके प्रमुख जोसेफ चंद्रशेखर विजय उर्फ थलपति विजय को अब तक राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने सरकार बनाने का न्योता नहीं दिया है. दो बार उन्हें बैरंग लौटाया जा चुका है.
सीनियर एडवोकेट और संविधान के जानकार विकास सिंह के मुताबिक सबसे बड़ी अड़चन ये है कि विजय ने सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर सरकार बनाने का दावा नहीं किया है. वो कांग्रेस के समर्थन यानी गठबंधन के साथ बहुमत से कम विधायकों का समर्थन लेकर सरकार बनाने का अवसर मांग रहे हैं. विजय का ये दावा तब सही होता जब कांग्रेस के समर्थन से वो बहुमत का जादुई आंकड़ा पार कर जाते, तो सदन में फ्लोर टेस्ट आसानी से पास कर जाते. राज्यपाल को अपनी सरकार की स्थिरता का भरोसा हो जाता.
बहुमत का जादुई आंकड़ा है 118
सुप्रीम कोर्ट में वकील आरके सिंह के मुताबिक राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर द्वारा विजय को बैरंग लौटाए जाने के मुख्य कारण तकनीकी और संवैधानिक हैं. विजय की पार्टी के 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने के बावजूद, उन्होंने सरकार बनाने का दावा करने में कानूनी और संवैधानिक प्रक्रियागत गलतियां की हैं. तमिलनाडु विधानसभा में सरकार बनाने के लिए 234 सदस्यों वाली तमिलनाडु विधान सभा में बहुमत का जादुई आंकड़ा 118 है. विजय की पार्टी ने 108 सीटें जीती हैं. यह बहुमत से 10 सीटें कम है. विजय ने पहले ही दावे में कांग्रेस के 5 विधायकों के समर्थन का दावा किया, यानी गठबंधन के साथ कुल संख्या 113 हो गई लेकिन गवर्नर ने स्पष्ट किया कि उन्हें लिखित और वास्तविक रूप से 118 विधायकों के हस्ताक्षर चाहिए न कि केवल मौखिक दावा.
...तो तब तक शपथ ग्रहण नहीं हो सकता
विजय ने दो निर्वाचन क्षेत्रों से चुनाव जीता है. चुनाव नियमों के अनुसार, उन्हें एक सीट छोड़नी होगी तो कायदे से फ्लोर टेस्ट के समय टीवीके की वास्तविक सीटें 108 से घटकर 107 रह जाएंगी. इससे बहुमत का अंतर और बढ़ जाएगा. राज्यपाल को स्थिर सरकार का भरोसा न दिला पाना भी विजय के लिए फिलहाल बड़ी चुनौती है. गवर्नर का मानना है कि समुचित सदस्यों के समर्थन के बिना सरकार अल्पमत में होगी. वो कभी भी गिर सकती है. उन्होंने कहा कि जब तक 118 विधायकों के समर्थन का लिखित प्रमाण नहीं मिलता, तब तक शपथ ग्रहण नहीं हो सकता. राज्यपाल ने विजय को दोबारा 118 के आंकड़े के साथ लौटने को कहा है क्योंकि वह यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि सरकार अस्थिर न हो.