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नाना पाटेकर के निधन से काशी में शोक की लहर, वाराणसी डर्बी शायर क्लब ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर (75) के निधन से काशी में शोक का माहौल है. फिल्म 'वनवास' की शूटिंग के दौरान उनका काशी से गहरा जुड़ाव बना था. उनके निधन पर वाराणसी डर्बी शायर क्लब ने पीतरकुंड में श्रद्धांजलि सभा आयोजित कर उनके कई दशक लंबे अभिनय सफर और सामाजिक योगदान को याद किया.

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दिग्गज फिल्म अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर से धर्म, अध्यात्म और साहित्य की नगरी काशी में भी शोक का माहौल है. 75 वर्षीय नाना पाटेकर का गुरुवार सुबह गोवा स्थित आवास पर हृदयाघात के बाद निधन हो गया. उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत देशभर की कई हस्तियों ने शोक व्यक्त किया है. नाना पाटेकर का काशी से भी गहरा जुड़ाव रहा है. वर्ष 2024 में रिलीज हुई फिल्म 'वनवास' की शूटिंग के सिलसिले में उन्होंने काशी में कई दिन बिताए थे. शूटिंग के दौरान काशी के वातावरण और यहां की आध्यात्मिक संस्कृति से उनका विशेष लगाव बना. फिल्म के प्रमोशन के लिए भी नाना पाटेकर काशी पहुंचे थे. उनके निधन की खबर सामने आने के बाद शहर में उनके प्रशंसकों और कला प्रेमियों के बीच शोक का माहौल है.

पीतरकुंड पर दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि
नाना पाटेकर के निधन पर वाराणसी डर्बी शायर क्लब की ओर से पीतरकुंड स्थित प्राचीन कुंड पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई. क्लब अध्यक्ष शकील अहमद जादूगर के नेतृत्व में सदस्यों ने नाना पाटेकर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी. इस दौरान नाना पाटेकर के योगदान को याद करते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना भी की गई.

दमदार अभिनय और संवाद अदायगी से बनाई पहचान
शकील अहमद जादूगर ने कहा कि नाना पाटेकर के निधन से फिल्म जगत, उनके प्रशंसकों और आम लोगों को गहरा आघात पहुंचा है. उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर ने अपने दमदार अभिनय और प्रभावशाली संवाद अदायगी से भारतीय सिनेमा में अलग पहचान बनाई. करीब पांच दशक के फिल्मी सफर में उन्होंने हिंदी और मराठी सिनेमा को कई यादगार किरदार दिए. उनके अभिनय की अपनी अलग शैली रही, जिसने उन्हें दर्शकों के बीच खास पहचान दिलाई.

सामाजिक सरोकारों से भी जुड़े रहे नाना पाटेकर
शकील अहमद ने कहा कि नाना पाटेकर केवल एक बेहतरीन अभिनेता ही नहीं थे, बल्कि सामाजिक सरोकारों से भी जुड़े रहे. उनकी फिल्मों में आम आदमी की समस्याओं, सामाजिक संघर्ष और व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से सामने रखा गया. उनके अभिनय में देशभक्ति, संवेदनशीलता और सामाजिक चेतना की झलक देखने को मिलती थी. उनका सादगीपूर्ण जीवन और समाज के जरूरतमंद लोगों के लिए किए गए कार्य भी उन्हें विशेष बनाते थे.

आने वाली पीढ़ियों के लिए रहेंगे प्रेरणा
शकील अहमद ने कहा कि नाना पाटेकर का अभिनय और सामाजिक सरोकार आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बने रहेंगे. उन्होंने बताया कि नाना पाटेकर का वास्तविक नाम विश्वनाथ पाटेकर था. उनके निधन से भारतीय सिनेमा ने एक ऐसे कलाकार को खो दिया है, जिसकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी. वाराणसी डर्बी शायर क्लब की ओर से नाना पाटेकर को शत-शत नमन किया गया और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई.
 

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