CBFC New team
CBFC New team
केंद्र सरकार ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) यानी सेंसर बोर्ड का नए सिरे से गठन किया है. इस बार बोर्ड में 18 सदस्यों को शामिल किया गया है. इन सभी का कार्यकाल तीन साल का होगा. नए बोर्ड का गठन ऐसे समय हुआ है, जब फिल्मों को सर्टिफिकेट देने और उनमें कट लगाने को लेकर लगातार विवाद सामने आते रहे हैं.
तीन साल में होता है बोर्ड का पुनर्गठन
सरकार आमतौर पर हर तीन साल में CBFC का पुनर्गठन करती है. इससे पहले बोर्ड का गठन 2017 में हुआ था. उस समय इसमें 12 सदस्य थे. अब नए बोर्ड में 18 सदस्य होंगे. सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के मुताबिक, नए बोर्ड का गठन सिनेमैटोग्राफ एक्ट 1952 और सिनेमैटोग्राफ (सर्टिफिकेशन) रूल्स 2024 के तहत किया गया है. नए सदस्यों की नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है. उनका कार्यकाल तीन साल या अगले आदेश तक रहेगा.
सतलुज की सर्टिफिकेशन प्रक्रिया रही चर्चा में
हाल के दिनों में फिल्मों की सेंसरशिप को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा दिलजीत दोसांझ स्टारर फिल्म 'सतलुज' की रही. इस फिल्म का नाम पहले 'पंजाब 95' था. फिल्म 2022 में CBFC के पास सर्टिफिकेशन के लिए भेजी गई थी और करीब तीन साल तक प्रक्रिया में अटकी रही. फिल्म के मेकर्स ने आरोप लगाया था कि CBFC ने फिल्म में 127 कट लगाने को कहा था. बाद में फिल्म जुलाई में नए नाम 'सतलुज' के साथ ZEE5 पर रिलीज हुई. हालांकि, रिलीज के करीब 48 घंटे बाद इसे भारत में प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया.
कई दूसरी फिल्मों को भी करना पड़ा बदलाव
सर्टिफिकेशन को लेकर हाल के दिनों में दूसरी फिल्मों को भी बदलाव का सामना करना पड़ा है. 'वेलकम टू द जंगल' को 18 बदलावों के बाद UA 16+ सर्टिफिकेट मिला था. वहीं, 'जना नायकन' की सर्टिफिकेशन प्रक्रिया को लेकर भी विवाद हुआ. इसके चलते फिल्म की रिलीज में देरी हुई और मामला कानूनी प्रक्रिया तक पहुंचा.
बोर्ड में फिल्म इंडस्ट्री के कई बड़े नाम
नए 18 सदस्यीय बोर्ड में फिल्म और मनोरंजन जगत से जुड़े कई चर्चित नाम शामिल हैं. इनमें मनोज जोशी, सुनील शेट्टी, प्रीति जिंटा, पंकज त्रिपाठी, प्रसेनजीत चटर्जी, प्रियदर्शन और संगीतकार रिकी केज शामिल हैं. इसके अलावा विनोद अनुपम, अभिषेक जैन, हंसराज हंस, सुप्रिया यारलागड्डा, यतींद्र मिश्रा, रूपाली गांगुली, नीला माधब पांडा, पल्लवी जोशी, निशिगंधा वाड, वामन केंद्रे और रमेश पाटंगे को भी बोर्ड में जगह दी गई है.
नए गठन से मुख्य बदलाव CBFC के सदस्यों में हुआ है. बोर्ड की कानूनी भूमिका में कोई बदलाव नहीं किया गया है. CBFC पहले की तरह सिनेमैटोग्राफ एक्ट और 2024 के सर्टिफिकेशन नियमों के तहत फिल्मों को प्रमाणपत्र देने और जरूरी बदलाव तय करने का काम करेगा.
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