yadav ji ki love story
yadav ji ki love story
27 फरवरी 2026 को रिलीज होने जा रही फिल्म 'यादव जी की लवस्टोरी' को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. फिल्म के खिलाफ दायर याचिका में इसकी रिलीज पर रोक लगाने और टाइटल बदलने की मांग की गई है. याचिका में कहा गया है कि फिल्म के मौजूदा नाम और कंटेंट से जातिगत तनाव बढ़ सकता है, जिससे सामाजिक सद्भाव बिगड़ने की आशंका है.
सेंसर सर्टिफिकेट पर भी उठे सवाल
याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि सेंसर बोर्ड ने फिल्म को प्रदर्शन योग्य प्रमाणपत्र देते समय संभावित सामाजिक प्रभावों को नजरअंदाज किया. उनका कहना है कि फिल्म की कहानी, किरदार और प्रमोशनल सामग्री में इस्तेमाल किए गए शब्द समाज के एक खास वर्ग को सीधे तौर पर जोड़ते हैं, जिसकी संवैधानिक जांच जरूरी है.
'यादव जी' शब्द पर आपत्ति
विवाद की मुख्य वजह फिल्म के टाइटल और प्रमोशनल मटीरियल में जाति सूचक शब्द 'यादव जी' का इस्तेमाल बताया जा रहा है. याचिका में कहा गया है कि इस शब्द का जानबूझकर प्रयोग पूरे समुदाय को फिल्म की थीम और कथानक से जोड़ता है. इससे यह संदेश जाता है कि फिल्म में दिखाई गई कहानी किसी खास जाति का प्रतिनिधित्व करती है.
अलग-अलग जिलों में विरोध
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यादव समाज के लोगों ने कई जिलों में प्रदर्शन किए हैं. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि फिल्म में उनके समुदाय को गलत और घिसी-पिटी सोच के साथ दिखाया गया है, जिससे समाज में दुश्मनी का माहौल बन सकता है. उनका कहना है कि इससे समुदाय की छवि धूमिल होती है और भावनाएं आहत होती हैं.
सीन हटाने और सुधार की मांग
विरोध कर रहे लोगों ने साफ कहा है कि जब तक विवादित सीन हटाए नहीं जाते और कंटेंट में सुधार नहीं किया जाता, तब तक वे फिल्म को किसी भी सिनेमाघर में रिलीज नहीं होने देंगे. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह सिर्फ एक फिल्म का मामला नहीं, बल्कि सम्मान और पहचान से जुड़ा मुद्दा है.