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Happy Birthday Ranveer Singh: कभी चुलबुला आशिक, तो कभी खूंखार खलनायक, हर किरदार ने बनाया रणवीर को बॉलीवुड का धुरंधर

रणवीर सिंह आज अपना 41वां जन्मदिन मना रहे हैं. बैंड बाजा बारात से लेकर धुरंधर तक उन्होंने हर किरदार में खुद को नए अंदाज में पेश किया. रोमांस, कॉमेडी, एक्शन, पीरियड ड्रामा और बायोपिक जैसी अलग-अलग शैलियों में दमदार अभिनय ने उन्हें बॉलीवुड के धुरंधर अभिनेताओं में शामिल कर दिया है.

हैप्पी बर्थडे रणवीर सिंह हैप्पी बर्थडे रणवीर सिंह

रणवीर सिंह भवनानी आज अपना 41वां जन्मदिन मना रहे हैं. पिछले डेढ़ दशक में उन्होंने खुद को सिर्फ एक स्टार नहीं, बल्कि ऐसे अभिनेता के रूप में स्थापित किया है जो हर फिल्म के साथ अपने किरदार को पूरी तरह जीते हैं, और उसे लंबे समय के लिए लोगों के मन में जीवित कर जाते हैं. रोमांस हो, कॉमेडी, पीरियड ड्रामा, बायोपिक, एक्शन या फिर बात हो फैशन की. रणवीर ने हर जॉनर में अपनी अलग पहचान बनाई है. यही वजह है कि आज उनकी कलाकारी बॉलीवुड की सबसे विविध और दमदार एक्टर्स में गिने जाते हैं.

'बैंड बाजा बारात' से हुई दमदार शुरुआत
साल 2010 में 'बैंड बाजा बारात' के बिट्टू शर्मा बनकर रणवीर ने बॉलीवुड में कदम रखा. दिल्ली के एक महत्वाकांक्षी, लेकिन बेफिक्र लड़के का उनका अंदाज दर्शकों को इतना पसंद आया कि पहली ही फिल्म से उन्होंने अपनी अलग पहचान फिल्मी जगत और लोगों के मन में बना ली. उनकी कॉमिक टाइमिंग और नेचुरल एक्टिंग ने पहली ही पारी में साफ कर दिया था कि इंडस्ट्री को नया स्टार मिलने जा रहा है, जिसको लोग लंबे समय तक याद रखेंगे.

हर फिल्म में दिखाया अलग रंग
इसके बाद 'लेडीज़ वर्सेस रिकी बहल' में उन्होंने एक अलग भूमिका निभाई. उसमें वह एक शातिर ठग का रोल निभा रहे थे, जो अलग-अलग पहचान बता कर लड़कियों से पैसे लूटता है. 
वहीं फिल्म 'लूटेरा' में उन्होंने वरुण श्रीवास्तव बनकर अपने शांत और भावनात्मक अभिनय से साबित किया कि वह सिर्फ एनर्जेटिक रोल ही नहीं, बल्कि गंभीर किरदार भी उतनी ही मजबूती से निभा सकते हैं. एक्टिंग के मामले में उस फिल्म के लिए रणवीर की खूब तारीफ हुई. 

रोमांस से लेकर ऐतिहासिक किरदारों तक छोड़ी छाप
'गोलियों की रासलीला राम-लीला' तो आप लोगों को याद ही होगी? उस फिल्म में रणवीर के राम के किरदार ने उनको रोमांटिक हीरो के रूप में नई पहचान दिलाई. इसके बाद 'बाजीराव मस्तानी' में पेशवा बाजीराव का किरदार निभाकर उन्होंने अपने अभिनय की नई ऊंचाई छू ली. इस भूमिका के लिए उनका लुक, बॉडी लैंग्वेज और किरदारों की भावनाओं को जिंदा करने के लिए आज भी याद किया जाता है.

खिलजी बनकर जीत ली पूरी महफिल
रणवीर सिंह के करियर की सबसे बड़ी फिल्म 'पद्मावत' साबित हुई. वहां रणवीर ने एक बार फिर खुद को साबित किया कि वह किसी भी रोल के लिए फिट हैं. फिल्म में उन्होंने अलाउद्दीन खिलजी का किरदार निभाया था, जो कि एक खौफनाक खलनायक था. रणवीर ने उस किरदार को उसी तरह पेस किया, जैसे इतिहास में खिलजी को लिखा गया है. इस बात को ऐसे समझें कि एक खतरनाक, सनकी और निर्दयी शासक के रूप में उनका अभिनय इतना प्रभावशाली रहा कि फिल्म में हीरो से ज्यादा चर्चा उनके किरदार की हुई.

'गली बॉय' से लेकर 'सिम्बा' तक दिखाई प्रतिभा
'गली बॉय' में मुराद अहमद के रूप में रणवीर ने एक ऐसे युवा का किरदार निभाया, जो संघर्षों के बीच अपनी पहचान बनाना चाहता है. वहीं 'सिम्बा' में उन्होंने कॉमेडी, एक्शन और इमोशन का शानदार संतुलन दिखाया. दोनों फिल्मों ने साबित किया कि वह अलग-अलग तरह के किरदारों में सहजता से ढल सकते हैं.

हर किरदार में दिखा नया अंदाज
सिर्फ पीरियड फिल्म ही नहीं, बायोपिक का रोल करने में भी वह पीछे नहीं हैं. फिल्म '83' में पूर्व भारतीय कप्तान कपिल देव का रोल निभाना रणवीर के लिए बड़ी चुनौती थी. उन्होंने आवाज, हाव-भाव और मैदान पर मौजूदगी तक को इतनी बारीकी से अपनाया कि उनके अभिनय की खूब सराहना हुई.

'धुरंधर' फ्रेंचाइजी ने दी करियर को नई दिशा
हाल के वर्षों में 'धुरंधर' फ्रेंचाइजी ने रणवीर सिंह के करियर को नई दिशा दी. पहली फिल्म में हमजा के किरदार में उन्होंने दमदार एक्शन के साथ गहरी भावनात्मक परतें भी दिखाई. वहीं 'धुरंधर: द रिवेंज' में जसकीरत सिंह रंगी और हमजा की ओरिजिन स्टोरी के जरिए उन्होंने एक ही फिल्म में दो अलग-अलग रंग पेश किया. उनके इस प्रदर्शन ने साबित किया कि वह बड़े पैमाने की एक्शन फिल्मों को भी अपने अभिनय से खास बना सकते हैं.

रणवीर सिंह की सबसे बड़ी खासियत यही है कि उन्होंने कभी खुद को एक ही तरह के किरदार तक सीमित नहीं रखा. हर फिल्म में उन्होंने कुछ नया करने की कोशिश की और वह हर प्रयास में सफल भी रहे. यही वजह है कि आज उनका नाम बॉलीवुड के बड़े अभिनेताओं में गिना जाता है. 
 

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