2026 is the new 2016
2026 is the new 2016
इन दिनों इंस्टाग्राम पर एक अजीब-सी हलचल दिख रही है. लोग अचानक अपनी पुरानी तस्वीरें शेयर करते हुए नजर आ रहे हैं. कुछ लोगों की फोटो में कॉलेज के दिन हैं, तो कहीं बिना फिल्टर वाली सादगी दिख रही है. हर किसी के कैप्शन में एक ही बात बार-बार नजर आ रही है, '2016 was different'. सवाल यही है कि आखिर 10 साल बाद लोग अपनी इतनी पुरानी फोटो क्यों शेयर कर रहे हैं. एक-दो हों तो समझ में भी आता है, लेकिन इतने लोग? घबराइए नहीं, ये एक ट्रेंड है. ट्रेंड है यादों में झांकने का. चलिए आपको पूरा ट्रेंड समझाते हैं.
आखिर क्या है 2016 वाला ट्रेंड
आपको अपना फोन लेना है और 2016 की यादें खोल लेनी हैं. वहां जो भी आपकी 2016 की तस्वीर मिले, उसे डाउनलोड करके अपने सोशल मीडिया पर शेयर कर देना है, उसी कैप्शन के साथ. बस हो गया ट्रेंड.
कई लोग इस ट्रेंड का आनंद उठा रहे हैं, तो कुछ लोग ट्रेंड का भी ट्रेंड बना रहे हैं. अब आपके मन में सवाल आ रहा होगा कि ट्रेंड का ट्रेंड? जी हां. कई लोगों के पास 2016 की फोटो नहीं है, तो वे लिख रहे हैं 'कैसे करूं ट्रेंड, मेरे पास तो उस वक्त फोन ही नहीं था.' कुछ ने वीडियो बनाया कि '2016 का ट्रेंड मेरे दोस्त के लिए नहीं है, क्योंकि उसकी शक्ल तब भी खराब थी और आज भी खराब है.' ये ट्रेंड काफी फंनी है और हर रोज हजारों लोग इससे जुड़ रहे हैं.
2016 का साल क्यों माना जाता है खास
2016 वह साल था, जब सोशल मीडिया दिखावे से ज्यादा जुड़ाव का जरिया था. लोग लाइक्स गिनने से ज्यादा लोगों से ऑनलाइन बातचीत करने में यकीन रखते थे. उस समय पोस्ट कम होते थे, लेकिन हर पोस्ट का कोई मतलब होता था. इंस्टाग्राम आज की तरह रील्स और ट्रेंड्स से भरा नहीं था.
2016 में फ्री इंटरनेट की शुरुआत ने सब कुछ बदल दिया. पहली बार आम लोगों के हाथ में तेज और सस्ता इंटरनेट आया. इससे पहले इंटरनेट सीमित था. उसी दौर में लोगों ने खुलकर सोशल मीडिया इस्तेमाल करना शुरू किया. फोटो क्वालिटी साधारण थी. लेकिन नियत कुछ हद तक साफ थीं. यही वजह है कि आज लोग उस दौर को 'रियल इंटरनेट एरा' कह रहे हैं.
आज जिन्हें Gen Z कहा जाता है, वह 2016 में भी थे, लेकिन थोड़े अलग और ज्यादा सिंपल थे. सोशल मीडिया उनके लिए पहचान नहीं, सिर्फ़ मजा था. खुद को साबित करने का दबाव नहीं था. लोगों से तुलना कम थी. उस दौर की तस्वीरों में दिखावा नहीं, अपनापन नजर आता है. शायद यही वजह है कि आज वही पीढ़ी पीछे मुड़कर खुद को देख रही है.
यह ट्रेंड कहां से शुरू हुआ
इस ट्रेंड की शुरुआत किसी बड़े इन्फ्लुएंसर से नहीं हुई. यह आम लोगों से निकला. किसी ने पुरानी फोटो डाली, दूसरों को भी अपना अतीत याद आ गया. फिर वही फोटो रील बन गई. वही कैप्शन ट्रेंड करने लगे. धीरे-धीरे यह ट्रेंड एक सामूहिक भावना बन गई, पुराने दिनों की ओर लौटने की. वहीं से शुरू हुआ यह प्यारा ट्रेंड.
आज की डिजिटल दुनिया तेज है और थकाने वाली भी. हर चीज परफेक्ट दिखनी चाहिए. ऐसे में 2016 की पुरानी तस्वीरें भले ऊट-पटांग हों, लेकिन कई यादों को जिंदा कर देती हैं. इस ट्रेंड से न जाने कितने लोग जुड़ रहे हैं और यह ट्रेंड कितने लोगों की पुरानी यादों को ताजा कर रहा है.
ये भी पढ़ें