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इंस्टाग्राम पर क्यों वायरल हैं रंग-बिरंगी चूड़ियां? एल्गोरिद्म नहीं, लोगों की पसंद बना रही है ट्रेंड

चूड़ियां भारतीय संस्कृति का हमेशा से हिस्सा रही हैं. बचपन की यादों में त्योहारों से पहले मां के साथ बाजार जाकर चूड़ियां खरीदना, शादी-ब्याह में उनकी खनक सुनना...ये सब आम अनुभव हैं. अब वही यादें दोबारा ट्रेंड बन रही हैं.

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हाइलाइट्स
  • इंस्टाग्राम पर क्यों छा गई हैं रंग-बिरंगी चूड़ियां?

  • एल्गोरिद्म नहीं, लोगों की पसंद बना रही है ट्रेंड

इंस्टाग्राम खोलते ही क्या आपकी फीड में भी चूड़ियों की रील्स आने लगती हैं? रंग-बिरंगी, खनखनाती, ग्लिटर से भरी चूड़ियां… कभी बाजारों की सस्ती दुकानों से लेकर ऑनलाइन स्टोर्स तक. इतना ही नहीं, कई रील्स में लड़कों को अपनी पार्टनर को चूड़ियां गिफ्ट करने को कहा जाता है. अब सवाल ये है कि अचानक ऐसा क्या हुआ कि भारतीय चूड़ियां इंटरनेट पर छा गईं?

मिनिमलिज्म से मैक्सिमलिज्म की ओर
डिजिटल क्रिएटर Pranati Choudhary ने इस ट्रेंड को आसान भाषा में समझाया. उनके मुताबिक, इंटरनेट ने चूड़ियों को नया नहीं बनाया, बस अब जाकर उन पर ध्यान दिया है. वो बताती हैं कि अभी फैशन में बड़ा बदलाव चल रहा है. पहले जहां 'क्लीन गर्ल एस्थेटिक' और सिंपल लुक्स ट्रेंड में थे, वहीं अब 'गोल्ड गर्ल एस्थेटिक' हावी हो रहा है.

इस नए ट्रेंड में चंकी ईयररिंग्स, ढेर सारी चूड़ियां, भारी ब्रेसलेट और छन-छन की आवाज करती हुई पायल पसंद की जा रही है. जो चीजें पहले ज्यादा हैवी मानी जाती थी वही अब ग्लोबल स्टाइल बन रही हैं.

 

क्यों लौट रही हैं चूड़ियां?
चूड़ियां भारतीय संस्कृति का हमेशा से हिस्सा रही हैं. बचपन की यादों में त्योहारों से पहले मां के साथ बाजार जाकर चूड़ियां खरीदना, शादी-ब्याह में उनकी खनक सुनना...ये सब आम अनुभव हैं. अब वही यादें दोबारा ट्रेंड बन रही हैं.

लोग अब पुराने अच्छे दिनों की खूबसूरती को फिर से महसूस करना चाहते हैं. जहां हर रोजमर्रा की चीज में संस्कृति दिखती थी.

'नॉस्टेल्जिया इकोनॉमी' क्या है?
नॉस्टेल्जिया इकोनॉमी का मतलब है पुरानी चीजों का दोबारा फैशन में आना. अगर आपने ध्यान दिया हो तो सिर्फ चूड़ियां ही नहीं, फ्लिप फोन, 90 के दशक का मेकअप और रेट्रो स्टाइल भी ट्रेंड कर रहे हैं.

 

 

इंटरनेट अब सादगी से आगे बढ़कर ड्रामा, टेक्सचर, साउंड और मूवमेंट चाहता है. लोगों को ऐसी चीजें पसंद आ रही हैं जो दिखने के साथ महसूस भी हों. चूड़ियों की खनक इस ट्रेंड में बिल्कुल फिट बैठती है.

सोशल मीडिया का रोल
रील्स में ऐसे बाजारों के वीडियो वायरल हो रहे हैं, जहां सस्ती और खूबसूरत चूड़ियां मिलती हैं. दिल्ली, जयपुर, हैदराबाद और मुंबई जैसे शहरों के लोकल मार्केट्स को खूब दिखाया जा रहा है. कई फैशन इन्फ्लुएंसर्स अलग-अलग आउटफिट्स के साथ चूड़ियों को स्टाइल कर रहे हैं.

एल्गोरिद्म ने इस ट्रेंड को बनाया नहीं, बल्कि उसे आगे बढ़ाया है. जैसे ही लोगों ने चूड़ियों से जुड़ा कंटेंट देखना और पसंद करना शुरू किया, सोशल मीडिया ने उसे और ज्यादा दिखाना शुरू कर दिया है.