Hydrogen Startups
Hydrogen Startups
देश में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है. राजधानी दिल्ली में स्थित अटल अक्षय ऊर्जा भवन में हाइड्रोजन स्टार्टअप्स की खास प्रदर्शनी आयोजित की गई. जहां देशभर से आए इनोवेटर्स और वैज्ञानिकों ने भविष्य की ऊर्जा तकनीकों की झलक पेश की. लेकिन इन सबके बीच एक ऐसा इनोवेशन सामने आया, जिसने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया. हाइड्रोजन स्टार्टअप्स प्रदर्शनी में डॉक्टर राशि गुप्ता ने एलपीजी और पीएनजी का एक अनोखा विकल्प तैयार किया है. जिसमें खाना बनाने के लिए हाइड्रोजन गैस का इस्तेमाल किया जा सकेगा.
LPG-PNG का विकल्प तैयार-
ना गैस की लंबी लाइन में लगने की टेंशन, ना ही महंगे सिलेंडर का झंझट, अब सस्ते दाम में पकेगा खाना और वो भी एक नई तकनीक के साथ. राजधानी दिल्ली के अटल अक्षय ऊर्जा भवन में लगी हाइड्रोजन प्रदर्शनी हर घर के लिए राहत भरी गुड न्यूज लेकर आई है. देशभर से आए इनोवेटर्स और वैज्ञानिकों के बीच एक खास इनोवेशन ने सबका ध्यान खींचा है. डॉक्टर राशि गुप्ता ने LPG और PNG का एक नया विकल्प तैयार किया है. जिससे अब किचन में हाइड्रोजन गैस से भी खाना बनाना संभव हो सकेगा.
पर्यावरण के लिए सेफ है ये तकनीक-
इस तकनीक की खास बात ये है कि यह न सिर्फ किफायती है, बल्कि पर्यावरण के लिए भी सुरक्षित मानी जा रही है. यानी अब धुआं कम खर्च कम और सुविधा ज्यादा मिल सकती है और ये मॉडल घरेलू उपयोग के लिए तैयार किया गया है. जिसमें हाइड्रोजन गैस को सुरक्षित तरीके से स्टोर कर किचन तक पहुंचाया जा सकता है. ये तकनीक न सिर्फ प्रदूषण को कम करेगी, बल्कि पारंपरिक ईंधनों पर निर्भरता भी घटाएगी.
हाइड्रोजन स्टार्टअप प्रदर्शनी-
दरअसल राजधानी दिल्ली में एक अनोखा मेला लगा, जिसमें नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने एक दिवसीय प्रदर्शनी में भारत के बढ़ते हाइड्रोजन स्टार्टअप इकोसिस्टम को प्रदर्शित किया. जिसमें हाइड्रोजन उत्पादन और हाइड्रोजन प्रणालियों के लिए डिजिटल समाधान शामिल हैं. साथ ही ये प्रदर्शनी खासतौर पर ग्रीन हाइड्रोजन जैसे स्वच्छ और भविष्य की ऊर्जा स्रोतों पर केंद्रित है, जहां स्टार्टअप्स ऊर्जा उत्पादन, स्टोरेज और ट्रांसपोर्टेशन से जुड़े नए-नए मॉडल पेश किए गये.
विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रीन हाइड्रोजन आने वाले समय में ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकता है और इस तरह के इनोवेशन भारत को स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बना सकते हैं, क्योंकि जब संकट आता है तो वही रास्ते काम आते हैं, जो पहले कभी विकल्प के तौर पर तैयार किए गए हों. आज ग्रीन हाइड्रोजन जैसी तकनीकें सिर्फ एक इनोवेशन नहीं, बल्कि आने वाले समय की जरूरत बन गई हैं.
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