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गुड न्यूज़

ताज महोत्सव में झूमते नजर आएं विदेशी पर्यटक... देखें इवेंट की खूबसूरत झांकी

ताज महोत्सव का आगाज हो चुका है
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उत्तर प्रदेश के आगरा में ताज महोत्सव का आगाज हो चुका है. ताज महोत्सव में हिंदुस्तानी गीत-संगीत पर विदेशियों ने झूमकर डांस किया. बारिश की फुहारों के बीच भी उत्साह कम नहीं हुआ और पहले ही दिन आयोजन स्थल रंग, रोशनी और संस्कृति के उत्सव में बदल गया.

पहले दिन जैसे ही राजस्थानी ढोल की थाप गूंजी, विदेशी पर्यटक खुद को रोक नहीं पाए. इंग्लैंड से आए पर्यटकों का एक समूह भारतीय संगीत और लोकनृत्य की लय पर थिरकता नजर आया. एक महिला पर्यटक ने मुस्कुराते हुए कहा कि यहां का म्यूजिक और डांस उनके देश से कहीं ज्यादा जीवंत और ऊर्जा से भरा है. उनके मुताबिक भारतीय लोकनृत्य में जो उत्साह और आत्मीयता है, वह अनोखी है और उन्हें यहां आकर बेहद खास अनुभव मिला.

अमेरिकी पर्यटक अपने परिवार के साथ महोत्सव देखने आए हैं
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अमेरिका से ताजमहल देखने आई एक महिला पर्यटक ने बताया कि वह अपने पति के साथ चार दिनों के लिए आगरा आई हैं और इस बार ताजमहल देखने के बजाय पूरा समय ताज महोत्सव को समर्पित करेंगी. उनका कहना था कि महोत्सव के रंग, संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रम उन्हें ज्यादा आकर्षित कर रहे हैं और वे चारों दिन सिर्फ यहीं का आनंद लेंगी. जबकि इंग्लैंड से आगरा आई महिला ने ताज महोत्सव और उसमें प्रस्तुत गीत-संगीत की तारीफ की.
 

आयोजन स्थल की रौनक
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बारिश के बावजूद आयोजन स्थल पर रौनक बनी रही. करीब 500 स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें हस्तशिल्प, खानपान और अलग-अलग राज्यों के उत्पादों की झलक मिल रही है. कश्मीर की शॉल से लेकर राजस्थान की कलाकृतियां और बंगाल के उत्पाद तक एक ही परिसर में उपलब्ध हैं. आगरा और आसपास के शिल्पियों के साथ-साथ दूसरे राज्यों से आए कारीगरों को भी यहां अपने हुनर को प्रदर्शित करने का अवसर मिला है.
 

महोत्सव की थीम 'वंदे मातरम, परंपरा एवं राष्ट्र का गौरव' रखी गई है
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आगरा के सांसद एवं केंद्रीय मंत्री प्रो. एस. पी. सिंह बघेल ने कहा कि इस वर्ष ताज महोत्सव की थीम 'वंदे मातरम, परंपरा एवं राष्ट्र का गौरव' रखी गई है. उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति 'वसुधैव कुटुंबकम' की भावना को मानती है और यही भाव इस आयोजन में दिखाई देता है. आगरा को विश्व धरोहर नगरी बताते हुए उन्होंने बटेश्वर के शिव मंदिरों की श्रृंखला और शौरीपुर के जैन तीर्थ स्थल का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि इन धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों की वजह से देश-विदेश से पर्यटक और श्रद्धालु यहां आते हैं, जिससे स्थानीय लोगों को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलता है.
 

महोत्सव का उद्घाटन
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सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की शुरुआत लखनऊ की डॉ. सुरभि शुक्ला और उनकी टीम ने महाकुंभ थीम पर आधारित 'धरा पर गंगा अवतरण' नृत्यांजलि से की. प्रस्तुति ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया. इसके बाद मुरारी लाल शर्मा और उनकी टीम ने रास एवं ब्रज की फूलों की होली की झलक पेश कर माहौल को भक्तिमय और उत्सवी बना दिया.

साफ है कि ताज महोत्सव सिर्फ एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय परंपरा, कला और आतिथ्य का जीवंत उत्सव बन चुका है, जिसकी गूंज अब देश की सीमाओं से निकलकर विदेशों तक पहुंच रही है.

(रिपोर्ट- अरविंद शर्मा)