78वें आर्मी डे के अवसर पर जयपुर की धरती पहली बार भारतीय सेना की अभूतपूर्व सैन्य शक्ति, रणनीतिक क्षमता और अदम्य साहस की साक्षी बनी है. 'Know Your Army' के नाम से आयोजित इस भव्य प्रदर्शनी ने आम नागरिकों को भारतीय सेना को केवल देखने का नहीं, बल्कि उसे करीब से महसूस करने का अनूठा अवसर प्रदान किया है. यह आयोजन देशभक्ति, पराक्रम और आधुनिक सैन्य तकनीक का ऐसा संगम है, जो हर आयु वर्ग के लोगों के मन में गर्व और प्रेरणा भर रहा है.
सीकर रोड स्थित भवानी निकेतन कॉलेज के विशाल मैदान में आयोजित यह पांच दिवसीय प्रदर्शनी भारतीय सेना की ताकत को जमीन से आसमान तक एक ही मंच पर प्रस्तुत कर रही है. यहां टैंक, मिसाइल, ड्रोन, एयर डिफेंस सिस्टम और ऑपरेशन सिंदूर में प्रयुक्त अत्याधुनिक हथियारों का प्रभावशाली प्रदर्शन किया जा रहा है. प्रदर्शनी में दर्शकों को सेना के रोजमर्रा के ऑपरेशंस, युद्ध रणनीतियों और तकनीकी दक्षता को बेहद नजदीक से देखने और समझने का अवसर मिल रहा है.
इस आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण ऑपरेशन सिंदूर की ताकत का सजीव प्रदर्शन है. इसके तहत एक काल्पनिक युद्ध क्षेत्र तैयार किया गया है, जहां आतंकियों के ठिकानों को घेरने, उन्हें निष्क्रिय करने और समाप्त करने की पूरी रणनीति का लाइव डेमो दिखाया जा रहा है. यह दृश्य केवल हथियारों का प्रदर्शन नहीं, बल्कि भारतीय सेना के अनुशासन, साहस और सटीक योजना का जीवंत उदाहरण है, जो दर्शकों को रोमांच और गर्व से भर देता है.
प्रदर्शनी में भारतीय सेना की बख्तरबंद शक्ति का प्रमुख प्रतीक 46 टन वजनी T-90 टैंक है, जो NTW क्राफ्ट मशीन गन से लैस है. इस टैंक की विशेषता यह है कि यह 5 मीटर गहरे पानी में भी आसानी से आगे बढ़ने की क्षमता रखता है. प्रदर्शनी के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा स्वयं इस टैंक में सवार हुए, जिससे इसका महत्व और भी बढ़ गया. इसके अलावा MBT अर्जुन मार्क-1, BMP-2 और K9 वज्र टैंक भी प्रदर्शित किए गए हैं, जो सेना की आधुनिक युद्ध क्षमता को दर्शाते हैं.
हवाई खतरों से निपटने वाली भारतीय सेना की एयर डिफेंस ताकत भी यहां पूरी मजबूती के साथ मौजूद है. कम ऊंचाई पर उड़ने वाले दुश्मन के विमानों और ड्रोन को मार गिराने में सक्षम L-70 एयर डिफेंस गन, ZU-23 ट्विन बैरल गन सिस्टम, जो एक मिनट में 2000 राउंड फायर कर सकता है और ऑपरेशन सिंदूर में कई ड्रोन को गिरा चुका है, प्रदर्शनी का हिस्सा हैं. इसके साथ ही 3D एक्टिव रडार से लैस, प्रति मिनट 3400 राउंड फायर करने की क्षमता वाली अपग्रेडेड चिल्का एंटी एयरक्राफ्ट गन भी दर्शकों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है.
मिसाइल और रॉकेट सिस्टम की बात करें तो यहां भारतीय सेना की पूरी मारक क्षमता एक साथ देखने को मिल रही है. 25 किलोमीटर तक लक्ष्य को भेदने में सक्षम मीडियम रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल, 70 किलोमीटर तक दुश्मन को ढेर करने वाली अपग्रेडेड चिल्का एंटी एयरक्राफ्ट गन, 20 सेकंड में 40 रॉकेट दागकर पूरे इलाके को तबाह करने वाली BM-21 अग्निबाण, 44 सेकंड में 12 रॉकेट फायर करने वाली प्रणाली, और 300 MM रॉकेट सिस्टम के साथ 90 किलोमीटर तक सटीक प्रहार करने वाली पिनाका MLRS भी इस प्रदर्शनी में शामिल हैं.
आधुनिक हथियारों के साथ-साथ इतिहास के स्वर्णिम पन्नों से जुड़ी युद्ध ट्रॉफियां भी यहां प्रदर्शित की गई हैं. इनमें सबसे खास है काली मर्सिडीज़ बेंज कार, जिसे 16 दिसंबर 1971 को ढाका रेसकोर्स में पाकिस्तानी सेना के लेफ्टिनेंट जनरल अमीर अब्दुल खान नियाज़ी के आत्मसमर्पण के बाद भारतीय सेना ने अपने कब्जे में लिया था. यह वाहन 1971 के युद्ध में भारत की ऐतिहासिक जीत और बांग्लादेश के उदय की याद दिलाता है. इसके साथ ही परमवीर चक्र विजेता अब्दुल हमीद की रिकॉइललेस गन (ICL Gun) से सजी विंटेज जीप, 1965 और 1971 के युद्धों तथा ऑपरेशन पराक्रम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली बख्तरबंद टोही BRDM गाड़ी भी लोगों के बीच खास आकर्षण बनी हुई हैं. प्रदर्शनी में रोमांच और मनोरंजन के तत्व भी भरपूर हैं. प्रतिदिन दोपहर तीन से चार बजे तक प्रशिक्षित जर्मन शेफर्ड और लैब्राडोर डॉग शो में अपने अद्भुत करतब दिखा रहे हैं, जो बच्चों और युवाओं को खास तौर पर आकर्षित कर रहे हैं. वहीं, पैराग्लाइडिंग शो में जांबाज़ सैनिक तिरंगे के साथ आसमान में उड़ान भरते नजर आते हैं, जो दर्शकों के भीतर देशभक्ति की भावना को और प्रबल कर देते हैं.
(रिपोर्ट- रिदम जैन)