देश के प्रथम ज्योतिर्लिंग श्री सोमनाथ मंदिर के प्रवेश द्वार पर स्वाभिमान पर्व का भव्य शुभारंभ हो गया है. यह पर्व 08 जनवरी से 11 जनवरी तक आयोजित किया जा रहा है. कार्यक्रम की शुरुआत आस्था, गौरव और सांस्कृतिक चेतना के साथ हुई.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित आगमन से पहले ही सोमनाथ में उत्सवमय का माहौल हो गया है. सूर्ययात्रा और अन्य आयोजनों में श्रद्धालुओं का उत्साह साफ दिखाई दे रहा है. हर ओर भक्ति और गर्व का भाव महसूस किया जा रहा है.
राज्य सरकार की ओर से चलाई गई स्पेशल ट्रेन से राजकोट से हजारों शिव भक्त सोमनाथ पहुंचे. जैसे ही ट्रेन स्टेशन पर पहुंची, पूरा माहौल भक्तिमय हो गया. श्रद्धालु हर हर महादेव के जयकारे लगाते नजर आए.
सोमनाथ रेलवे स्टेशन परिसर 'जय सोमनाथ' और 'हर हर भोले' के नारों से गूंज उठा. भक्तों का जोश और आस्था देखने लायक थी. हर चेहरे पर श्रद्धा और गर्व साफ झलक रहा था. सोमनाथ का इतिहास सिर्फ एक मंदिर का इतिहास नहीं है. यह हजार साल के संघर्ष, बलिदान और आस्था की जीत की कहानी है.
इस इतिहास को याद कर कई श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए.
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है. यह भारत की सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रतीक है. इसका उद्देश्य नई पीढ़ी को सोमनाथ की गौरवशाली गाथा से जोड़ना है. सोमनाथ महादेव का इतिहास विनाश के बाद सृजन की जीत का प्रतीक है. बार-बार टूटने के बाद भी सोमनाथ खड़ा हुआ. आज यह मंदिर अजेय आस्था और भारतीय संस्कृति का राष्ट्रीय गौरव बन चुका है.