Symbolic Photo AI
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उत्तर प्रदेश के आगरा से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया. जिस 65 वर्षीय महिला को डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित किए जाने के बाद अंतिम संस्कार की तैयारियां पूरी कर ली गई थीं, उसी महिला के शरीर में करीब 30 घंटे बाद अचानक हलचल होने लगी. परिजनों का दावा है कि महिला ने अपने भांजे का हाथ भी पकड़ लिया. इसके बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और महिला को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है.
घर पर रिश्तेदारों का लग गया था जमावड़ा
मामला आगरा के थाना एत्माद्दौला क्षेत्र की श्रीनगर कॉलोनी का है. यहां रहने वाली 65 वर्षीय शीला देवी की मंगलवार तड़के तबीयत बिगड़ने पर उन्हें इलाज के लिए बरेली स्थित एक अस्पताल में ले जाया गया था. परिजनों का कहना है कि डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. इसके बाद उनका शव बरेली से आगरा लाया गया और अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू कर दी गईं. घर पर रिश्तेदारों का जमावड़ा लग गया था और अंतिम संस्कार का पूरा सामान भी मंगाया जा चुका था.
और पकड़ लिया अपने भांजे का हाथ
इसी बीच, करीब 30 घंटे बाद अचानक महिला के शरीर में हलचल होने लगी. परिजनों के मुताबिक शीला देवी ने अपने भांजे का हाथ पकड़ लिया, जिसे देखकर घर में मौजूद लोग स्तब्ध रह गए. पहले तो किसी को अपनी आंखों पर विश्वास नहीं हुआ, लेकिन जब महिला के शरीर में लगातार हरकत दिखाई दी तो परिजन उन्हें तत्काल एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे.
जीवित होने की खबर आग की तरह फैल गई
महिला के जीवित होने की खबर आग की तरह पूरे इलाके में फैल गई. देखते ही देखते श्रीनगर कॉलोनी में लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई. हर कोई इस घटना को चमत्कार के रूप में देख रहा है. हालांकि, इस मामले में चिकित्सकीय दृष्टि से क्या परिस्थितियां रहीं और महिला को पहले किन आधारों पर मृत घोषित किया गया था, यह जांच का विषय है. फिलहाल शीला देवी का आगरा के एक निजी अस्पताल में इलाज जारी है. डॉक्टर उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं. आपको मालूम हो कि शीला देवी के दो बेटे हैं, एक का नाम सुनील माहौर और दूसरे का नाम संजीव माहौर है. शीला देवी अपने बेटे सुनील के परिवार के साथ आगरा में रहती हैं.दूसरा बेटा संजीव बदायूं के एक निजी अस्पताल में कार्यरत है. लिवर की बीमारी से पीड़ित शीला देवी इलाज के लिए संजीव के पास गई हुई थीं. इलाज के दौरान बरेली के एक अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था.