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Key Chain Alarm है महिलाओं का सुरक्षा कवच, कैसे करेगा काम? जानें

उत्तर प्रदेश के बागपत में डीएम अस्मिता लाल ने 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' अभियान के तहत की-चेन अलार्म डिवाइस वितरित कर महिला सुरक्षा की नई पहल की है. खतरे की स्थिति में यह छोटा-सा डिवाइस सक्रिय होते ही करीब दो मिनट तक 50 मीटर दूर तक तेज आवाज में गूंजेगा. जिससे आसपास मौजूद लोग तुरंत मदद के लिए पहुंच सकेंगे. जेब या पर्स में रखने वाली एक छोटी-सी की-चेन अब मुश्किल वक्त में सबसे बड़ी मददगार साबित होगी.

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अब खतरे की आहट मिलते ही मदद की आवाज दूर-दूर तक गूंजेगी. महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए बागपत जिला प्रशासन ने एक अनोखी पहल की है. जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' अभियान के तहत महिलाओं को की-चेन (Key Chain) के रूप में तैयार अलॉर्म सुरक्षा डिवाइस वितरित किए हैं. 

इमरजेंसी में महिलाएं कर सकेंगी इस्तेमाल-
यह छोटा और आसानी से साथ रखा जा सकने वाला सुरक्षा उपकरण आपात स्थिति में सक्रिय होते ही करीब दो मिनट तक 50 मीटर की दूरी तक तेज अलॉर्म बजाता है, जिससे आसपास मौजूद लोग तुरंत सतर्क होकर सहायता के लिए पहुंच सकें.

महिला सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी- जिलाधिकारी
महिला सुरक्षा को नई मजबूती देने के उद्देश्य से जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने कलेक्ट्रेट कार्यालय में कार्यरत महिला कार्मिकों को की-चेन अलार्म सुरक्षा डिवाइस प्रदान कर सम्मानित किया. उन्होंने कहा कि बदलते समय में महिलाओं को आत्मविश्वास के साथ सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और यह डिवाइस उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

कैसे इस्तेमाल कर पाएंगी महिलाएं?
डीएम ने बताया कि यह सुरक्षा डिवाइस की-चेन के रूप में डिजाइन किया गया है. जिसे महिलाएं अपनी चाबी, पर्स, बैग या अन्य सामान के साथ हमेशा आसानी से रख सकती हैं. यदि कोई महिला घर से बाहर निकलते समय स्वयं को असुरक्षित महसूस करती है या किसी आपात स्थिति में फंस जाती है, तो वह इस डिवाइस को तुरंत सक्रिय कर सकती है. डिवाइस के सक्रिय होते ही लगभग दो मिनट तक तेज आवाज निकलती है, जो करीब 50 मीटर की दूरी तक सुनाई देती है. अलॉर्म की आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग सतर्क होकर तुरंत मदद के लिए पहुंच सकते हैं. 

भविष्य में बढ़ेगा इसका दायरा- डीएम
उन्होंने कहा कि फिलहाल यह डिवाइस कलेक्ट्रेट की महिला कार्मिकों को उपलब्ध कराई गई है, लेकिन भविष्य में इस अभियान का दायरा और बढ़ाया जाएगा. स्कूलों की छात्राओं, घर से बाहर कार्य करने वाली महिलाओं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा बहुओं और एएनएम को भी इस सुरक्षा अभियान से जोड़ते हुए उन्हें की-चेन अलार्म डिवाइस उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा. जिलाधिकारी ने कहा कि महिला सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व है. प्रशासन लगातार ऐसे प्रयास कर रहा है, जिससे महिलाएं और बेटियां बिना किसी भय के शिक्षा, रोजगार और अन्य कार्यों के लिए घर से बाहर निकल सकें. डिवाइस प्राप्त करने वाली महिला कार्मिकों ने इस पहल के लिए जिलाधिकारी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि की-चेन के रूप में तैयार यह अलॉर्म सुरक्षा डिवाइस उन्हें आत्मविश्वास और सुरक्षा का अतिरिक्त एहसास कराएगा. उन्होंने इसे महिला सुरक्षा के प्रति प्रशासन की संवेदनशील, दूरदर्शी और प्रेरणादायी पहल बताया.

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