Bihar Police Viral News
Bihar Police Viral News
खाकी वर्दी देखते ही आमतौर पर लोगों के जेहन में एक सख्त पुलिस अधिकारी की तस्वीर उभरती है. थाने में फरियाद सुनना, अपराधियों पर कार्रवाई करना और कानून-व्यवस्था संभालना उनकी रोजमर्रा की जिम्मेदारी होती है. लेकिन क्या आपने कभी किसी थानेदार को पुलिस की वर्दी में छठी मैया के गीत गाते देखा है? पश्चिम चंपारण के जगदीशपुर में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जहां खाकी वर्दी के पीछे छिपा एक कलाकार लोगों के सामने आया. हाथ में माइक आते ही थानाध्यक्ष नीतेश कुमार ने अपनी आवाज से ऐसा समां बांधा कि पूरा कार्यक्रम भक्तिमय हो गया.
दरअसल, जगदीशपुर स्थित ईश्वरशांति कॉलेज में आयोजित वीसी के कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक माहौल के बीच एक खास पल देखने को मिला. कार्यक्रम में जगदीशपुर थानाध्यक्ष नीतेश कुमार भी मौजूद थे. आमतौर पर पुलिस की जिम्मेदारियों में व्यस्त रहने वाले नीतेश कुमार ने जब माइक संभाला, तो लोगों को उनका एक बिल्कुल अलग अंदाज देखने को मिला. उन्होंने छठी मैया की महिमा से जुड़ा छठ गीत प्रस्तुत किया. पुलिस की वर्दी में मंच पर खड़े होकर जब उन्होंने छठ गीत के सुर छेड़े, तो वहां मौजूद लोग भी उनकी प्रस्तुति में रम गए. गीत के जरिए उन्होंने लोक आस्था के महापर्व छठ की महिमा का गुणगान किया. उनकी आवाज और प्रस्तुति ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. गीत खत्म होने के बाद तालियों की गूंज ने उनका उत्साह बढ़ाया.
वर्दी के पीछे छिपा हुनर देख लोग हुए हैरान
इस कार्यक्रम की सबसे खास बात थानाध्यक्ष नीतेश कुमार का यह अनोखा अंदाज रहा. लोगों ने उन्हें अब तक पुलिस अधिकारी के रूप में कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाते देखा होगा, लेकिन मंच पर उनकी गायकी ने उनकी एक अलग पहचान सामने रख दी. खाकी वर्दी में एक पुलिस अधिकारी का छठ गीत गाना वहां मौजूद लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया. यह पल इस बात का भी एहसास कराता है कि वर्दी पहनने वाले हर व्यक्ति की अपनी रुचियां, प्रतिभाएं और सांस्कृतिक जुड़ाव भी होते हैं.
छठ के गीतों से जुड़ा है बिहार की मिट्टी का रिश्ता
बिहार में छठ महापर्व केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि लोक आस्था, परंपरा, अनुशासन और सामाजिक एकजुटता का प्रतीक है. इस पर्व के पारंपरिक गीतों में बिहार की मिट्टी की खुशबू और लोगों की गहरी श्रद्धा झलकती है. घरों से लेकर घाटों तक छठ गीतों की गूंज पर्व के माहौल को खास बना देती है. ऐसे में थानाध्यक्ष नीतेश कुमार की इस प्रस्तुति ने भी कार्यक्रम में लोकसंस्कृति और भक्ति का रंग भर दिया.
सख्त जिम्मेदारियों के बीच सुरों से जुड़ा दिल
पुलिस की नौकरी में जिम्मेदारियां और चुनौतियां कम नहीं होतीं. दिन-रात कानून-व्यवस्था बनाए रखने की ड्यूटी के बीच अपनी सांस्कृतिक रुचियों के लिए समय निकालना भी खास बात है. जगदीशपुर थानाध्यक्ष नीतेश कुमार की इस प्रस्तुति ने उनके व्यक्तित्व का एक ऐसा पहलू सामने रखा, जो आमतौर पर लोगों की नजरों से दूर रहता है.
फिलहाल, ईश्वरशांति कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में उनकी छठ गीत की प्रस्तुति चर्चा का विषय बनी हुई है. खाकी वर्दी के पीछे छिपे कलाकार ने जब माइक थामा, तो लोगों को नीतेश कुमार का एक अलग ही अंदाज देखने को मिला. संदेश साफ है कि वर्दी जिम्मेदारी की पहचान जरूर है, लेकिन उसके पीछे एक इंसान भी होता है, जिसके भीतर हुनर, भावनाएं और अपनी मिट्टी की संस्कृति के लिए खास लगाव होता है.
ये भी पढ़ें