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एकतानगर में पर्यटकों के लिए 'रेन फॉरेस्ट' का अनूठा नजराना, 9.49 करोड़ रुपए की लागत से तैयार प्रोजेक्ट का प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करेंगे लोकार्पण

एकतानगर आने वाले पर्यटकों को प्रकृति के सान्निध्य में अनूठा अनुभव मिले, इस उद्देश्य से वागडिया चेकपोस्ट के निकट नए गोरा ब्रिज के पास 'रेन फॉरेस्ट' का निर्माण किया गया है. 9.49 करोड़ रुपए की लागत से 47,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में विकसित किए गए इस रेन फॉरेस्ट का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के करकमलों से किया जाएगा.

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Rain Forest Project at Ektanagar Rain Forest Project at Ektanagar

गुजरात के एकतानगर में अब पर्यटकों को जंगल के बीच घूमने और प्रकृति को करीब से देखने का अनोखा अनुभव मिलेगा. यहां स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के आसपास पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक खास रेन फॉरेस्ट तैयार किया गया है. इस प्रोजेक्ट में हरे-भरे पेड़-पौधों के साथ झरना, तालाब और कांच से बना स्काईवॉक ब्रिज भी होगा. 9.49 करोड़ रुपये की लागत से बने इस रेन फॉरेस्ट का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे. इससे एकतानगर आने वाले पर्यटकों को घूमने के लिए एक नया आकर्षण मिलेगा.

47 हजार वर्ग मीटर में फैला है रेन फॉरेस्ट
गुजरात के नर्मदा जिले में स्थित एकतानगर में वागडिया चेकपोस्ट के पास नए गोरा ब्रिज के नजदीक इस रेन फॉरेस्ट को विकसित किया गया है. यह करीब 47,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला है. यहां भारत के पश्चिमी घाट, हिमालय और अंडमान-निकोबार जैसे इलाकों में पाए जाने वाले सदाबहार पेड़-पौधे लगाए गए हैं. पर्यटक एक ही जगह पर देश के अलग-अलग क्षेत्रों की वनस्पतियों और प्राकृतिक विविधता को देख सकेंगे.

220 मीटर का ग्लास स्काईवॉक होगा खास आकर्षण
इस रेन फॉरेस्ट का सबसे बड़ा आकर्षण करीब 220 मीटर लंबा ग्लास डेक वाला स्काईवॉक ब्रिज होगा. इस पर चलते हुए पर्यटक ऊंचाई से जंगल की खूबसूरती देख सकेंगे. इसके अलावा यहां 5 से 8 मीटर ऊंचा झरना, गोलाकार तालाब और उसे जोड़ने वाले पुल भी बनाए गए हैं. प्रवेश द्वार को प्राकृतिक पत्थरों से तैयार किया गया है. वहीं, नर्मदा के पत्थरों और ईंट-चूने से बने वॉकिंग ट्रेल्स के जरिए पर्यटक पूरे परिसर में घूम सकेंगे. यहां पेड़ों की कतारें और जंगल के अलग-अलग स्तरों को दिखाने वाली खास लैंडस्केपिंग भी देखने को मिलेगी.

बच्चों के लिए भी होंगी खास सुविधाएं
यहां सिर्फ घूमने-फिरने ही नहीं, बल्कि सीखने और मनोरंजन की भी व्यवस्था की गई है. रेन फॉरेस्ट के सूचना केंद्र में मानचित्रों, तस्वीरों और क्यूआर कोड की मदद से पर्यटकों को जंगल, जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण की जानकारी मिलेगी. बच्चों के लिए रॉक क्लाइम्बिंग वॉल, स्लाइड्स, ट्री बालकनी और झूले भी बनाए गए हैं.

पर्यटन के साथ रोजगार को भी मिलेगा बढ़ावा
इस प्रोजेक्ट से एकतानगर में इको-टूरिज्म को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. यहां पर्यटकों की संख्या बढ़ने से स्थानीय कारोबार और रोजगार के अवसरों को भी गति मिल सकती है. इसके साथ ही यह जगह विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और प्रकृति प्रेमियों के लिए भी उपयोगी होगी. रेन फॉरेस्ट के जरिए पर्यटकों को मनोरंजन के साथ पर्यावरण और वन संरक्षण के महत्व को समझने का मौका मिलेगा.

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