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Central Vista Corridor: दिल्ली को मिलेगी नई रफ्तार, केंद्रीय सचिवालय बनेगा ट्रिपल इंटरचेंज स्टेशन, लाखों यात्रियों को होगा फायदा

दिल्ली में सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर को लेकर डीएमआरसी ने एक अहम कदम उठाया है. केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशन पर इसके निर्माण कार्य की शुरुआत कर दी गई है. इस प्रोजेक्ट से राजधानी के सबसे अहम प्रशासनिक और संस्थागत क्षेत्रों की कनेक्टिविटी और मजबूत होगी.

CP OFF Delhi Central Vista Metro corridor CP OFF Delhi Central Vista Metro corridor

दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन को और मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है. दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर के तहत केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशन पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया है. इस परियोजना का उद्देश्य राजधानी के महत्वपूर्ण प्रशासनिक और संस्थागत क्षेत्रों तक लोगों की पहुंच को आसान बनाना है. केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के दौरान इस महत्वाकांक्षी परियोजना की शुरुआत की.

मेट्रो फेज-5(A) का अहम हिस्सा है परियोजना
सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर का यह निर्माण कार्य दिल्ली मेट्रो के फेज-5(A) प्रोजेक्ट के अंतर्गत किया जा रहा है. यह परियोजना मौजूदा मैजेंटा लाइन को जनकपुरी वेस्ट से आर.के. आश्रम मार्ग तक विस्तारित करने का हिस्सा है. इस विस्तार के पूरा होने के बाद यात्रियों को राजधानी के कई महत्वपूर्ण इलाकों तक तेज और सुविधाजनक सफर का विकल्प मिलेगा.

बनेगा ट्रिपल इंटरचेंज मेट्रो स्टेशन
केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशन को ट्रिपल इंटरचेंज स्टेशन के रूप में विकसित किया जाएगा. इसका मतलब है कि नई मैजेंटा लाइन सीधे मौजूदा येलो लाइन और वायलेट लाइन से जुड़ जाएगी. इससे यात्रियों को लाइन बदलने में आसानी होगी और यात्रा का समय भी कम लगेगा. विशेष रूप से लुटियंस दिल्ली, केंद्रीय मंत्रालयों और सरकारी कार्यालयों तक पहुंचने वाले लोगों को इसका बड़ा लाभ मिलेगा. इससे रोजाना आने-जाने वाले हजारों कर्मचारियों और आम नागरिकों की यात्रा अधिक सुगम हो जाएगी.

9.913 किलोमीटर लंबा होगा कॉरिडोर
करीब 9.913 किलोमीटर लंबे इस भूमिगत कॉरिडोर में कुल 9 स्टेशन बनाए जाएंगे. इनमें शिवाजी स्टेडियम, युगे युगीन भारत, केंद्रीय सचिवालय, कर्तव्य भवन, इंडिया गेट, वार मेमोरियल-हाई कोर्ट, बड़ौदा हाउस, भारत मंडपम और इंद्रप्रस्थ स्टेशन शामिल हैं. इन स्टेशनों के जरिए राजधानी के कई प्रमुख प्रशासनिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्थलों को बेहतर मेट्रो कनेक्टिविटी मिलेगी.

लाखों लोगों को मिलेगा फायदा
जानकारी के अनुसार, इस क्षेत्र में हर दिन लगभग 60 हजार केंद्रीय कर्मचारी सफर करते हैं. इसके अलावा करीब 2 लाख लोग विभिन्न मंत्रालयों और सरकारी विभागों में अपने काम के लिए पहुंचते हैं. नई मेट्रो सुविधा शुरू होने के बाद इन सभी लोगों के लिए यात्रा पहले से कहीं अधिक आसान और तेज हो जाएगी.

केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशन पर शुरू हुआ यह निर्माण कार्य केवल एक इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना नहीं है, बल्कि दिल्ली के प्रशासनिक और सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. इससे राजधानी में यातायात का दबाव कम होगा और लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा.

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