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उत्तराखंड बना बुजुर्गों के लिए सबसे सुरक्षित राज्य, बच्चों के खिलाफ अपराधों में भी आई गिरावट

उत्तराखंड लगातार तीसरे साल भी बुजुर्गों के लिए देश का सबसे सुरक्षिक राज्य बन गया है.  नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों के मुताबित पिछले साल की तुलना में इस बार कई अपराधों में गिरावट आई है.

(प्रतीकात्मक फोटो) (प्रतीकात्मक फोटो)
हाइलाइट्स
  • बुजुर्गों के लिए देश में सुरक्षित राज्य है उत्तराखंड

  • बच्चों के खिलाफ अपराधों में भी आई गिरावट

उत्तराखंड लगातार तीसरे साल भी बुजुर्गों के लिए देश का सबसे सुरक्षिक राज्य बन गया है.  नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों के मुताबित पिछले साल की तुलना में इस बार कई अपराधों में गिरावट आई है. लेकिन प्रदेश में साइबर अपराध में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली है. 

बुजुर्गों के लिए सबसे सुरक्षित राज्य बना उत्तराखंड

देश के कई राज्यों में बुजुर्गों के साथ अपराध के आंकड़े काफी चिंताजनक बने हुए हैं. साल 2018 2018 में देश में वरिष्ठ नागरिकों से जुड़े अपराध 24,349 थे जो कि 2019 में 27,804 पर पहुंच गए.  2020 में यह आंकड़े 24,794 रिकॉर्ड किए गए. 

देश के अन्य राज्यों में हालत बेहद खराब 

महाराष्ट्र में 2020 में सर्वाधिक 4909 मामले दर्ज किए गए.  मध्य प्रदेश 4602 मामलों के साथ दूसरे और गुजरात 2785 मामलों के साथ तीसरे स्थान पर है.  वरिष्ठ नागरिकों के साथ सबसे कम अपराध के हिसाब से देखें तो मणिपुर में सात, असम में छह, झारखंड में दो, मेघालय में तीन, सिक्किम में दो और उत्तराखंड में चार मामले दर्ज किए गए.  

NCRB की रिपोर्ट में खुलासा

डीजी के मुताबिक पूरे देश में डकैती, लूट और चोरी हुई संपत्ति की बरामदगी (वर्ष 2018) में उत्तराखंड तीसरे स्थान पर रहा. उत्तराखंड में 63.2 प्रतिशत संपत्ति बरामद कर ली गई.  तेलंगाना 70.6 प्रतिशत बरामदगी के साथ पहले और तमिलनाडु 67 बरामदगी कर दूसरे स्थान पर रहा है.