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दुनिया में हिंदुस्तान की धमक, AGNI-V का पहला यूजर ट्रायल आज, पाक-चीन डर से कांपे

अग्नि-5  इंटर कॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन और भारत डायनेमिक्स लिमिटेड ने तैयार किया है. माना जाता है कि इस मिसाइल की रेंज 5000 से 8000 किलोमीटर है.

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Credit - Ministry of Defence Credit - Ministry of Defence
हाइलाइट्स
  • AGNI-V मिसाइल का पहला यूजर ट्रायल आज

  • एक साथ कई टारगेट तबाह कर सकती है यह मिसाइल

  • 2020 में ही होना था अग्नि-5 का ओपन टेस्‍ट

भारत आज अपनी अग्नि-5 मिसाइल का ओपन टेस्ट करने जा रहा है. इसके बाद इसे सेना में शामिल कर लिया जाएगा. इस मिसाइल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इससे न्यूक्लियर अटैक किया जा सकता और एक साथ कई टारगेट तबाह किए जा सकते हैं. जानकारों का मानना है कि इस मिसाइल से की रेंज में चीन और पाकिस्तान आ रहे हैं. 

अग्नि-5 मिसाइल का ओपन टेस्ट आज

अग्नि-5  इंटर कॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन और भारत डायनेमिक्स लिमिटेड ने तैयार किया है. माना जाता है कि इस मिसाइल की रेंज 5000 से 8000 किलोमीटर है. हालांकि, इसके लेकर विवाद भी है. कई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार चीन सहित कुछ देशों का कहना है कि भारत अग्नि-5  की सही रेंज का खुलासा नहीं कर रहा है. वैसे, ये बात अलग है कि चीन और कई देशों को इस बात का डर है कि मिसाइल की जद में उनका पूरा का पूरा देश आ रहा है.

मिसाइल की रेंज 5000 से 8000 किलोमीटर

Agni-V ICBM बिल्कुल निशाने पर लगती है. यदि किसी वजह से सटीकता में अंतर आता भी है, तो वह 10 से 80 मीटर का ही होगा. हालांकि, इस अंतर से मिसाइल के घातक वार कम नहीं हो जाते. अग्नि-5 को लॉन्च करने के लिए जमीन पर चलने वाले मोबाइल लॉन्चर का उपयोग किया जाता है. इसे ट्रक पर लोड करके सड़क से किसी भी स्थान पर पहुंचाया जा सकता है. बता दें कि अग्नि के बारे में वैज्ञानिक एम. नटराजन ने साल 2007 में पहली बार योजना बनाई थी.

अग्नि-5 मिसाइल का ओपन टेस्ट आज
अग्नि-5 मिसाइल का ओपन टेस्ट आज

पाकिस्तान और चीन इस मिसाइल की रेंज 

जानकारों का मानना है कि अगर भारत इस मिसाइल को दागता है तो वह पूरे एशिया, यूरोप, अफ्रीका के कुछ हिस्सों तक हमला कर सकता है. यानी आधी दुनिया इसकी जद में है. अग्नि-5 की सबसे खास बात है इसकी MIRV (मल्टिपल इंडिपेंडेंटली टार्गेटेबल री-एंट्री व्हीकल्स) तकनीक. इस तकनीक में मिसाइल के ऊपर लगाए जाने वॉरहेड में एक के बजाय कई हथियार लगाए जा सकते हैं. यानी एक मिसाइल एक साथ कई टारगेट पर निशाना लगा सकता है.