Indore News
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मध्य प्रदेश के इंदौर में नगर निगम के सफाई कर्मचारियों ने एक बार फिर ईमानदारी और जिम्मेदारी की मिसाल पेश की है. वार्ड 17 के न्यू रामनगर में एक महिला का सोने का मंगलसूत्र गलती से कचरा गाड़ी में चला गया. महिला को जब अपनी गलती का पता चला तो वह बेटे के साथ कचरा ट्रांसफर स्टेशन पहुंची. यहां कर्मचारियों ने कचरा गाड़ी को खाली होने के बाद युद्ध स्तर पर मंगलसूत्र की खोजबीन शुरू की. कड़ी मेहनत के बाद कचरे के बीच से मंगलसूत्र ढूंढ निकाला. कीमती मंगलसूत्र वापस मिलने पर महिला और उसके बेटे ने निगम कर्मचारियों का धन्यवाद किया.
कचरा गाड़ी में चला गया महिला का मंगलसूत्र-
इंदौर के वार्ड 17 के न्यू रामनगर इलाके में रोज की तरह नगर निगम की कचरा कलेक्शन गाड़ी कचरा लेने पहुंची थी. वाहन चालक मोहित चौहान और हेल्पर हेमंत घरों से गीला और सूखा कचरा एकत्र कर रहे थे. इसी दौरान एक महिला ने अपना कचरा डस्टबिन में डाला. महिला को उस वक्त पता ही नहीं चला कि उसके सोने का मंगलसूत्र भी गलती से कचरे के साथ डस्टबिन में चला गया और कचरा गाड़ी में पहुंच गया.
कचरा ट्रांसफर स्टेशन पहुंची महिला-
कुछ देर बाद महिला को जब मंगलसूत्र गायब होने का पता चला तो उसने कचरा गाड़ी का पता लगाया और अपने बेटे के साथ कचरा ट्रांसफर स्टेशन पहुंच गई. यहां उसने स्टेशन प्रभारी तौसीफ खान को पूरी घटना बताई. मामले की गंभीरता को देखते हुए तौसीफ खान ने अपने अधिकारी सीएसआई विजय यादव को इसकी जानकारी दी. उनके निर्देश पर कचरा को खोजबीन की.
कचरे से मंगलसूत्र खोज निकाला-
इसके बाद प्रभारी तौसीफ खान ने कर्मचारी गोविंद और अमर के साथ कचरे में मंगलसूत्र की तलाश शुरू की. कचरे को खंगालने के बाद आखिरकार कर्मचारियों को सोने का मंगलसूत्र मिल गया. मंगलसूत्र मिलने के बाद उसे महिला को वापस सौंप दिया गया. अपना कीमती मंगलसूत्र वापस पाकर महिला और उसका बेटा बेहद खुश नजर आए और उन्होंने नगर निगम की पूरी टीम का आभार जताया.
एक तरफ जहां कचरे के बीच सोने का मंगलसूत्र तलाशना किसी चुनौती से कम नहीं था, वहीं सफाई कर्मचारियों ने अपनी जिम्मेदारी और ईमानदारी से यह साबित कर दिया कि इंसानियत और कर्तव्य के आगे कीमती चीज भी किसी लालच की वजह नहीं बनती.
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