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साणंद बनेगा भारत का नया सेमीकंडक्टर हब... PM मोदी करेंगे सीजी सेमी की ओएसएटी फैसिलिटी का उद्घाटन

इस प्रोजेक्ट को केंद्र सरकार ने भारत सेमीकंडक्टर मिशन के तहत फरवरी 2024 में मंजूरी दी थी. सीजी सेमी ने यह परियोजना जापान की रेनेसास इलेक्ट्रॉनिक्स और थाईलैंड की स्टार माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स के साथ मिलकर विकसित की है.

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OSAT plant in Sanand OSAT plant in Sanand

भारत के सेमीकंडक्टर सेक्टर को मजबूत बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठने जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के अहमदाबाद जिले के साणंद में सीजी सेमी की अत्याधुनिक ओएसएटी यानी आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट फैसिलिटी का उद्घाटन करेंगे. इस प्लांट के शुरू होने से देश में चिप्स की पैकेजिंग और टेस्टिंग क्षमता बढ़ेगी. साथ ही हजारों रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे. इससे साणंद भारत के प्रमुख सेमीकंडक्टर हब के रूप में और मजबूत होगा.

7600 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ प्लांट
सीजी पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस लिमिटेड की सहायक कंपनी सीजी सेमी प्रा. लिमिटेड ने करीब 7600 करोड़ रुपये की लागत से इस ओएसएटी फैसिलिटी की स्थापना की है. इस प्रोजेक्ट को केंद्र सरकार ने भारत सेमीकंडक्टर मिशन के तहत फरवरी 2024 में मंजूरी दी थी. सीजी सेमी ने यह परियोजना जापान की रेनेसास इलेक्ट्रॉनिक्स और थाईलैंड की स्टार माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स के साथ मिलकर विकसित की है.

क्या होता है ओएसएटी प्लांट
ओएसएटी यानी आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट प्लांट में तैयार चिप्स की पैकेजिंग, टेस्टिंग और गुणवत्ता जांच की जाती है. इसके बाद इन्हें देश और दुनिया के ग्राहकों तक पहुंचाया जाता है. कंपनी का दूसरा प्लांट भी निर्माणाधीन है. दोनों यूनिट शुरू होने के बाद प्रतिदिन करीब 1.5 करोड़ चिप्स तैयार करने की क्षमता होगी.

इन क्षेत्रों को मिलेगा फायदा
इस फैसिलिटी में क्यूएफएन, क्यूएफपी जैसी पारंपरिक चिप्स के साथ एफसी-बीजीए और एफसी-सीएसपी जैसी आधुनिक चिप्स भी तैयार की जाएंगी. इनका उपयोग ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, औद्योगिक उपकरण, 5जी तकनीक और पावर सेक्टर में किया जाएगा. फिलहाल कंपनी में 300 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं. आने वाले पांच वर्षों में इस प्रोजेक्ट से करीब 5000 प्रत्यक्ष और परोक्ष रोजगार के अवसर बनने की उम्मीद है.

गुजरात बन रहा है सेमीकंडक्टर हब
भारत के सेमीकंडक्टर मिशन में गुजरात सबसे आगे माना जा रहा है. राज्य ने सबसे पहले सेमीकंडक्टर नीति लागू की थी. अब तक गुजरात में इस क्षेत्र से जुड़े छह बड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिल चुकी है. इनमें टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, माइक्रोन टेक्नोलॉजी, सीजी सेमी, केन्स सेमीकॉन, सुची सेमीकॉन और क्रिस्टल मैट्रिक्स शामिल हैं. इन परियोजनाओं में कुल 14.7 बिलियन डॉलर का निवेश हो रहा है.

साणंद की बढ़ रही वैश्विक पहचान
माइक्रोन और केन्स सेमीकॉन के बाद अब सीजी सेमी के प्लांट के शुरू होने से साणंद तेजी से भारत के पहले चिप पैकेजिंग क्लस्टर के रूप में उभर रहा है. कभी ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए प्रसिद्ध रहा यह शहर अब वैश्विक सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन का महत्वपूर्ण केंद्र बनने की ओर बढ़ रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में साणंद की पहचान ताइवान के सिंशु और दक्षिण कोरिया के ग्योंगी जैसे बड़े सेमीकंडक्टर हब के समान हो सकती है.

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