scorecardresearch

ट्रांसजेंडर समुदाय की नई पहल, ब्यूटीशियन बनकर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ाए कदम, सम्मान और पहचान की नई शुरुआत

झारखंड के रामगढ़ जिले से ट्रांसजेंडर समुदाय की आत्मनिर्भर एव स्वाबलंबी बनने की एक बेहद ही खूबसूरत तस्वीर सामने आई है, जो समुदाय वर्षों से समाज से वंचित एव उपेक्षित रहा है. समाज की रूढ़िवादी सोच की बदलने और समावेशी विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है.

ट्रांसजेंडर समुदाय की आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम ट्रांसजेंडर समुदाय की आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम

रामगढ़ जिला से ट्रांसजेंडर समुदाय की आत्मनिर्भरता की एक प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है. वर्षों से समाज में उपेक्षित और हाशिए पर रहे इस समुदाय के लिए यह पहल एक नई उम्मीद लेकर आई है. अब यह समुदाय पारंपरिक भूमिकाओं से आगे बढ़कर स्वरोजगार के जरिए सम्मानजनक जीवन जीने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है.

जिला प्रशासन की पहल पर ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों को ब्यूटीशियन का प्रशिक्षण दिया गया, जिससे वे अब पेशेवर तरीके से काम कर सकेंगे. पहले जहां उनके हाथ केवल बधाई देने और तालियां बजाने तक सीमित थे, वहीं अब वे शादी-विवाह में दुल्हनों को सजाने-संवारने का काम भी कुशलता से कर पाएंगे. साथ ही वे अपने-अपने ब्यूटी पार्लर खोलकर महिलाओं और युवतियों को किफायती दरों पर सेवाएं प्रदान करेंगे.

आय का नया साधन
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 16 फरवरी से 2 मार्च 2026 तक आयोजित किया गया था, जिसकी पहल उपायुक्त फैज अक अहमद मुमताज ने की थी. प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए. अब यह समुदाय न केवल खुद के लिए रोजगार के अवसर बनाएगा, बल्कि अन्य लोगों को भी रोजगार दे सकेगा. ट्रांसजेंडर समुदाय की प्रतिनिधि हिमांशी ने बताया कि इस पहल से उन्हें आय का नया साधन मिलेगा और वे मुख्यधारा से जुड़ पाएंगे. उन्होंने जिला प्रशासन के इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे एक बड़ा इंसेंटिव बताया.

यह पहल केवल कौशल विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मसम्मान और पहचान की बहाली का माध्यम भी है. रामगढ़ जिला प्रशासन का यह मॉडल न सिर्फ झारखंड बल्कि पूरे देश के लिए एक मिसाल बन सकता है.

रिपोर्टर: राजेश वर्मा

ये भी पढ़ें: