पिता अपना दर्द बताते हुए
पिता अपना दर्द बताते हुए
पंजाब के संगरूर जिले के धूरी विधानसभा क्षेत्र के गांव मूलोवाल की 19 वर्षीय युवती की सड़क हादसे में मौत के बाद उसके परिवार ने ऐसा फैसला लिया, जिसने दो परिवारों को नई उम्मीद दी है. बेटी को खोने के गहरे दुख के बीच परिवार ने उसकी दोनों किडनियां दान करने का फैसला लिया. पीजीआई में दोनों किडनियां अलग-अलग मरीजों को ट्रांसप्लांट की गईं. परिवार के मुताबिक, इस अंगदान से दो लोगों को नई जिंदगी जीने का मौका मिला है.
कनाडा जाने का सपना रह गया अधूरा
करणवीर कौर की उम्र महज 19 साल थी. उसने आईलेट्स की परीक्षा देने के बाद कनाडा जाने का सपना देखा था. परिवार के मुताबिक, करीब दो महीने बाद उसे अपनी बड़ी बहन के पास कनाडा जाना था. परिवार को उम्मीद थी कि बेटी विदेश जाकर अपने भविष्य को बेहतर बनाएगी, लेकिन एक सड़क हादसे ने उनकी जिंदगी बदल दी.
करणवीर की मौत के बाद परिवार ने दुख की इस घड़ी में उसके अंगदान का फैसला किया. उसकी दोनों किडनियां दान की गईं और पीजीआई में दो अलग-अलग मरीजों को प्रत्यारोपित की गईं. परिवार का कहना है कि उन्हें इस बात की संतुष्टि है कि उनकी बेटी के अंग किसी दूसरे व्यक्ति के जीवन को बचाने में काम आए.
बेटी के जाने का दुख कभी कम नहीं होगा
करणवीर के पिता जगदीप सिंह ने बताया कि उनकी बेटी कनाडा जाना चाहती थी और अपनी बड़ी बहन के पास जाने की तैयारी कर रही थी. परिवार ने उसके भविष्य को लेकर कई सपने देखे थे, लेकिन हादसे में उसकी मौत हो गई. बेटी को खोने का दर्द परिवार के लिए असहनीय है. हालांकि, उसके अंगदान से दो लोगों को जीवन का अवसर मिलने की बात उन्हें कुछ संतोष देती है.
मां बोली अंगदान के लिए आगे आएं लोग
करणवीर की मां जसविंदर कौर ने कहा कि उनकी बेटी अब इस दुनिया में नहीं है, लेकिन जाते-जाते वह दो लोगों के जीवन को बचाने का माध्यम बनी है. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अंगदान के महत्व को समझें और इसके लिए आगे आएं.
उन्होंने कहा कि मृत्यु के बाद शरीर का अंतिम संस्कार कर दिया जाता है, लेकिन यदि अंगदान किया जाए तो किसी जरूरतमंद मरीज की जान बच सकती है. इससे किसी परिवार को अपना सहारा वापस मिल सकता है और किसी घर में खुशियां लौट सकती हैं.
- कुलवीर सिंह की रिपोर्ट