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न नौकरी, न बड़ी फैक्ट्री... घर से शुरू किया साबुन बनाने का काम, आज देशभर से मिल रहे ऑर्डर

सहारनपुर में महिलाएं सरकारी योजनाओं और प्रशिक्षण का लाभ लेकर आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही हैं. खाताखेड़ी की रहने वाली शाजिया भी ऐसी ही महिलाओं में शामिल हैं, जिन्होंने घर से साबुन बनाने का काम शुरू कर अपनी अलग पहचान बनाई है.

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घर से साबुन बनाकर कमा रहीं लाखों घर से साबुन बनाकर कमा रहीं लाखों

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में एक महिला ने अपनी परेशानी को ही कमाई का जरिया बना लिया. बाजार में मिलने वाले साबुन से त्वचा रूखी होने की समस्या के बाद शाजिया ने प्राकृतिक चीजों से साबुन बनाने का फैसला किया. इसके लिए उन्होंने प्रशिक्षण लिया और घर से ही काम शुरू कर दिया. करीब दो साल की मेहनत के बाद आज वह 20 तरह के साबुन बना रही हैं. उनके बनाए साबुन की कीमत 50 रुपये से शुरू होती है और दिल्ली से लेकर हैदराबाद तक उन्हें ऑर्डर मिल रहे हैं.

सहारनपुर के खाता खेड़ी की रहने वाली शाजिया ने करीब दो साल पहले साबुन बनाने का काम शुरू किया था. उन्हें बाजार में मिलने वाले साबुन इस्तेमाल करने के बाद त्वचा में रूखेपन की परेशानी होती थी. इसके लिए उन्हें बार-बार बॉडी लोशन लगाना पड़ता था. इसी समस्या ने उन्हें प्राकृतिक सामग्री से साबुन बनाने के बारे में सोचने के लिए प्रेरित किया. इसके बाद उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र से प्रशिक्षण लिया. यहां उन्होंने एलोवेरा और मुल्तानी मिट्टी से साबुन बनाना सीखा. शुरुआत में उन्होंने मुल्तानी मिट्टी का साबुन तैयार किया और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को इस्तेमाल करने के लिए दिया. लोगों को उनका बनाया साबुन पसंद आया तो उन्होंने इसे कारोबार में बदलने का फैसला किया.

20 तरह के साबुन बनाती हैं शाजिया, 50 रुपये से शुरू है कीमत
शाजिया अब एलोवेरा, नीम, गुलाब, चावल, शहद, केसर, चारकोल और मुल्तानी मिट्टी समेत करीब 20 तरह के साबुन तैयार कर रही हैं. इन्हें बनाने में वह ग्लिसरीन, गुलाब जल, मिल्क बेस, गोट मिल्क बेस, मिल्क पाउडर और विटामिन सी जैसी सामग्री का इस्तेमाल करती हैं. उन्होंने अपने उत्पादों की शुरुआती कीमत 50 रुपये रखी है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इन्हें खरीद सकें. शुरुआत में शाजिया ने मुनाफे के बजाय लोगों की पसंद पर ध्यान दिया. जब ग्राहकों को उनके साबुन पसंद आने लगे तो उन्हें दोबारा ऑर्डर मिलने लगे. इससे उनका हौसला बढ़ा और उन्होंने अपने काम को आगे बढ़ाना शुरू किया.

सरकारी योजना और प्रशिक्षण से मिली मदद
शाजिया ने अपने कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए सरकारी योजनाओं का भी सहारा लिया. उनके मुताबिक, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना के तहत मिलने वाले ऋण की मदद से उन्होंने अपना काम बढ़ाने की दिशा में कदम उठाए. प्रशिक्षण और आर्थिक सहायता जैसी सुविधाएं छोटे स्तर पर कारोबार शुरू करने में मददगार साबित हो सकती हैं.

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से देशभर में पहुंच रहे उत्पाद
शाजिया अब अपने साबुन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से बेच रही हैं. वह इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर अपने उत्पादों के वीडियो साझा करती हैं. साथ ही, फ्लिपकार्ट और मीशो जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए भी अपने उत्पाद बेचती हैं. उनके मुताबिक, दिल्ली, कश्मीर और हैदराबाद समेत कई जगहों से उन्हें ऑर्डर मिल चुके हैं. शाजिया की कहानी बताती है कि सही प्रशिक्षण, मेहनत और ग्राहकों की पसंद को समझकर घर से भी कारोबार शुरू किया जा सकता है. उनका सफर उन महिलाओं के लिए प्रेरणा है, जो खुद का काम शुरू करके आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनना चाहती हैं.

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