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Good News: बाघों के लिए हो रही आर्टिफिशियल रेन, साथ ही दिए जा रहे खास विटामिन.. जू में जानवरों के लिए लगाया गया मिस्ट सिस्टम

दुर्ग के एक जू में जानवरों के लिए खास प्रबंधन किए गए है. यह प्रबंधन पड़ने वाली भीषण गर्मी को देखते हुए किए गए है. इसमें बाड़े में विशेष इंतजाम से लेकर डाइट में किए गए बदलाव शामिल है.

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पूरे देश में इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है, इस गर्मी ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है. भीषण गर्मी के प्रकोप से जानवर भी अछूते नहीं है. ऐसे में छत्तीसगढ़ के इस्पात नगरी भिलाई में स्थित भिलाई स्टील प्लांट के मैत्री बाग जू में जानवरों को गर्मी से बचाने के लिए मैत्री बाग प्रबंधन द्वारा विशेष इंतजाम किए गए हैं.

भीषण गर्मी के बीच भिलाई स्टील प्लांट के मैत्री बाग प्रबन्धन ने जू के वन्य प्राणियों को राहत देने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं. गर्मी से तापमान 45 से 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के बाद मैत्री बाग प्रबंधन ने सफेद बाघों समेत सभी वन्य जीवों के लिए कूलिंग और हाइड्रेशन सिस्टम को मजबूत किया है. मैत्री बाग प्रभारी डॉ. नवीन कुमार जैन ने बताया कि भीषण गर्मी का असर केवल इंसानों पर ही नहीं बल्कि वन्य प्राणियों पर भी पड़ता है. इसे देखते हुए प्रबंधन लगातार विशेष निगरानी और व्यवस्थाएं कर रहा है.

बाघों के लिए कराई जा रही आर्टिफिशियल रेन
मैत्री बाग में मौजूद पांच व्हाइट टाइगर गर्मी के प्रति बेहद संवेदनशील हैं. उनके बाड़ों में लगातार पानी भरा रखा गया है और पानी के कृत्रिम झरने की व्यवस्था की गई है ताकि उन्हें दिन के समय गर्मी से ठंडक मिल सके. इसके अलावा पिंजरों के पीछे ‘टायफा चटाई’ लगाई गई है, जिसे लगातार पानी से भिगोया जाता है. इससे बाड़े का तापमान करीब 10 डिग्री तक कम हो जाता है और अंदर का वातावरण लगभग 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहता है.

लगाए गए स्प्रिंकलर और मिस्ट सिस्टम
शाकाहारी वन्य जीवों जैसे सांभर, चीतल और ब्लैकबक के एन्क्लोजर में स्प्रिंकलर और मिस्ट सिस्टम लगाए गए हैं. पाइपलाइन और पंप की मदद से पूरे बाड़े में फुहारें छोड़ी जा रही हैं, जिससे वातावरण ठंडा बना रहता है. साथ ही जानवरों के लिए पानी से भरे मोट सिस्टम भी तैयार किए गए हैं ताकि ज्यादा गर्मी लगने पर वे पानी में जाकर राहत पा सकें.

ग्रीन कपड़े से रोकी जा रही गर्मी
पक्षी और बंदर सेक्शन में 75 प्रतिशत गर्मी रोकने वाले ग्रीन क्लॉथ लगाए गए हैं. यहां सुबह 9 बजे से शाम 6:30 बजे तक स्प्रिंकलर चलाए जाते हैं, जिससे वातावरण में नमी बनी रहती है और तापमान नियंत्रित रहता है.

डाइट में हो रहा बदलाव
साथ ही बंदरों को हाइड्रेटेड रखने के लिए तरबूज और खरबूज जैसे पानी वाले फल दिए जा रहे हैं. वहीं मांसाहारी जीवों के भोजन में एंटी-हीट स्ट्रेस विटामिन भी शामिल किए गए हैं ताकि उनका स्वास्थ्य प्रभावित न हो. मैत्री बाग प्रबंधन का कहना है कि गर्मी के इस दौर में वन्य प्राणियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है.

- रघुनंदन पंडा की रिपोर्ट