AIIMS Hospital
AIIMS Hospital
अपने ऑपरेशन्स को बढ़ाने के लिए, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) ने अपनी उपचार क्षमता में सुधार के लिए शहर में चार सरकारी अस्पतालों का अधिग्रहण करने की योजना बनाई है. इस योजना से जुड़े सूत्रों ने कहा कि एम्स, पैरामिलिट्री फॉर्सेज के लिए बनाए जा रहे अस्पताल, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल आयुर्विज्ञान संस्थान का अधिग्रहण करने के लिए बातचीत कर रहा है, जबकि दिल्ली सरकार द्वारा संचालित इंदिरा गांधी अस्पताल, एनडीएमसी के चरक पालिका अस्पताल और इसके विस्तारित प्रबंधन पर चर्चा अंतिम चरण में है.
सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और एम्स प्रशासन के बीच शुरुआती बातचीत पूरी हो चुकी है और आगे की प्रक्रिया जारी है. मामले पर अंतिम निर्णय की प्रतीक्षा है. हालांकि, सूत्रों ने कहा कि मंत्रालयों ने प्रस्ताव पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है.
बढ़ेंगे 3,000 बेड
द न्यू इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, अगर सब कुछ ठीक रहा और एम्स को अतिरिक्त स्वास्थ्य सुविधाओं के प्रबंधन की अनुमति मिल गई, तो वह अपनी बिस्तर क्षमता को 3,000 तक बढ़ा सकेगा. यह देश के कोने-कोने से इस प्रमुख संस्थान में आने वाले लाखों रोगियों के लिए एक बड़ी राहत होगी.
बिस्तर की कमी मरीजों को स्ट्रेचर पर लंबी अवधि तक इंतजार करने के लिए मजबूर करती है. और ऐसे दृश्य इमरजेंसी के बाहर दिखना सामान्य है. एम्स में ही लगभग 3,300 बिस्तरों की क्षमता है जिसमें इसका मुख्य अस्पताल और विभिन्न केंद्र शामिल हैं.
हर रोज OPD में आते हैं 15,000 लोग
आपको बता दें कि एम्स अस्पताल की ओपीडी में रोजाना लगभग 15 हजार मरीज परामर्श लेते हैं. कई अस्पतालों के अधिग्रहण के साथ, संयुक्त बिस्तर की संख्या बढ़कर 6,300 हो जाएगी जो एम्स की वर्तमान क्षमता से लगभग दोगुनी है. बेड कम होने की वजह से इलाज के लिए वेटिंग पीरियड लंबा होता है. इमरजेंसी के बाहर मरीज घंटों स्ट्रेचर पर लेटे रहते हैं.
जबकि 156-बेड वाले चरक पालिका और 1,200-बेड वाले इंदिरा गांधी अस्पताल चालू हैं, CAPIFIMS (800 बेड) और शांतिपथ (800 बेड) में चरक पालिका की एक्सटेंडेड सुपर-स्पेशियलिटी सुविधा का निर्माण अभी भी चल रहा है. सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और एम्स के बीच शुरुआती बातचीत पूरी हो चुकी है और मामला प्रक्रिया में है. हालांकि, अभी भी एक अंतिम निर्णय का इंतजार है.