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सरकार का कोरोना पर वार, कहा- नवंबर तक 90% को लगनी चाहिए कोरोना की पहली खुराक

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने राज्यों को पत्र लिख कर अनुरोध किया है कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नवंबर के अंत तक पहली खुराक का लगभग 90% कवरेज हासिल करने की योजना बनानी चाहिए और दूसरी खुराक पर भी प्रशासन को योजना बनानी चाहिए. इसके अलावा दूसरी खुराक पर भी प्रशासन को योजना बनानी चाहिए.

प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर
हाइलाइट्स
  • केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने राज्यों को जारी किया पत्र

  • भारत की कम से कम 78 फीसदी आबादी को मिल चुकी है पहली खुराक

भारत सरकार लगातार कोरोना महामारी के प्रकोप को कम करने में लगी हुई है. अब केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को नवंबर के अंत तक कोविड के टीके की पहली खुराक कम से कम 90% लोगों लगाने के आदेश दिए हैं. इस अभियान के तहत सरकार ने टीकाकरण अभियान में तेजी लाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया है. हाल ही प्रधानमंत्री ने राज्य सरकारों घर-घर जाकर टीकाकरण करने की अपील की थी. घर-घर टीकाकरण की इस मुहिम को सरकार ने हर घर दस्तक का नाम दिया है. 

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पत्र लिख जारी किए आदेश
केंद्र सरकार ने पिछले महीने एक आभासी बैठक में आदेश जारी किए थे. जिसके बाद केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने राज्यों को पत्र लिख कर इसे प्रयास में लाने के लिए कहा है. जारी किए गए पत्र में भूषण ने लिखा कि, "आपको याद होगा कि 18 अक्टूबर 2021 को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंस में, यह सलाह दी गई थी कि राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों को नवंबर के अंत तक पहली खुराक का लगभग 90% कवरेज हासिल करने की योजना बनानी चाहिए और दूसरी खुराक पर भी प्रशासन को योजना बनानी चाहिए. मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि कृपया संबंधित अधिकारियों को सभी वयस्क नागरिकों के पूर्ण टीकाकरण को समय पर पूरा करने और इसे जल्द से जल्द लागू करने की योजना बनाने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दें. मैं यह भी उम्मीद करूंगा कि आपकी और आपकी टीम द्वारा दूसरी खुराक के प्रशासन की प्रगति की दैनिक आधार पर समीक्षा की जाएगी."

78 फिसदी को लग चुकी है पहली खुराक
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, भारत की कम से कम 78 फीसदी आबादी को कोविड-19 वैक्सीन की पहली खुराक दी जा चुकी है, जबकि 38 फीसदी को पूरी तरह से टीका लगाया जा चुका है. इस पर इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक हेल्थ के प्रमुख का कहना है कि, “भले ही जनसंख्या के एक विशेष प्रतिशत का समर्थन करने के लिए विश्व स्तर पर कोई पर्याप्त डेटा उपलब्ध नहीं है, लेकिन आदर्श रूप से, यह आबादी का 90-95% होना चाहिए, लेकिन यह तुरंत संभव नहीं है, इसलिए, हमें जितना संभव हो सके, और जितनी जल्दी हो सके कवर करने का प्रयास करना चाहिए."

को-विन डैशबोर्ड के आंकड़े
को-विन डैशबोर्ड के अनुसार, भारतीय राज्यों में पहली खुराक का कवरेज 61% से लेकर 100% तक है. सरकारी आंकड़ों से पता चलता है कि भारत में वर्तमान में 45 जिले हैं जो अभी भी टीकाकरण कवरेज में भारी अंतराल देख रहे हैं क्योंकि उन्होंने अभी तक अपनी आधी से अधिक वयस्क आबादी को एक भी शॉट नहीं दिया है. जिनमें अरुणाचल प्रदेश के 6 जिले, असम, छत्तीसगढ़, हरियाणा, तमिलनाडू, दिल्ली, मिजोरम के एक-एक जिले, झारखंड के आठ जिले, महाराष्ट्र के पांच जिले, मणिपुर के आट जिले, और मेघालय के चार जिले शामिल हैं.

क्या है डोर-टू-डोर अभियान?
टीकाकरण कवरेज में अंतर को पाटने के लिए, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को 3 से 30 नवंबर के बीच आयोजित होने वाले विशेष डोर-टू-डोर अभियान की शुरुआत की थी. नाम ना बताने की शर्त पर केंद्र सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि, "हमने राज्यों को अपने स्वास्थ्य देखभाल कर्मियों को घर-घर भेजने की अनुमति दी है ताकि उन लोगों की पहचान की जा सके जिन्हें अभी तक टीका नहीं लगाया गया है या जो अपना दूसरा शॉट लेने वाले हैं."