
Delhi Police bust illegal network trading fake anti-cancer drugs
Delhi Police bust illegal network trading fake anti-cancer drugs
दिल्ली-NCR में कैंसर की नकली दवाएं और इंजेक्शन में पानी भरकर बेचने वाले नेटवर्क का दिल्ली पुलिस ने पर्दाफाश किया है. पुलिस के मुताबिक, यह नेटवर्क नकली, मिलावटी और बिना मंजूरी वाली एंटी-कैंसर व लाइफ सेविंग दवाओं की तस्करी और सप्लाई कर रहा था. इस मामले में पुलिस ने फरीदाबाद निवासी 39 वर्षीय डॉक्टर मनीष शर्मा को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने उसके पास से ICLUSIG, DARZALEX और Human Albumin समेत कई महंगी दवाएं बरामद की हैं.
पुलिस का कहना है कि कुछ दवाएं अवैध तरीके से भारत लाई गई थीं. वहीं कुछ ऐसी दवाएं मिलीं, जिन्हें भारत में बिक्री के लिए Central Drugs Standard Control Organisation (CDSCO) या संबंधित दवा नियामक से मंजूरी नहीं मिली थी. फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है.
कैंसर जैसी बीमारी के मरीजों को भी नहीं छोड़ रहे
पुलिस के अनुसार, यह नेटवर्क दिल्ली-NCR में गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों तक इन दवाओं को पहुंचा रहा था. इनमें कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाएं भी शामिल थीं. पुलिस को शक है कि नेटवर्क से जुड़े लोग मरीजों और उनके परिवारों की मजबूरी का फायदा उठाकर महंगी दवाएं बेच रहे थे. कैंसर जैसी गंभीर बीमारी में मरीजों को समय पर सही दवा मिलना बेहद जरूरी होता है. ऐसे में नकली या बिना मंजूरी वाली दवा मरीज की हालत बिगाड़ सकती है. यही वजह है कि पुलिस ने इस कार्रवाई को मरीजों की सुरक्षा से जुड़ी बड़ी कार्रवाई बताया है.

कुछ दवाएं विदेश से अवैध तरीके से लाई गईं
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि नेटवर्क में शामिल लोग अलग-अलग तरीकों से दवाओं की व्यवस्था करते थे. कुछ दवाएं कथित तौर पर अवैध चैनलों के जरिए भारत लाई जाती थीं. वहीं कुछ दवाएं ऐसी थीं, जिनकी भारत में बिक्री की अनुमति नहीं थी. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन दवाओं को कहां से खरीदा गया, किसने भारत में मंगाया और दिल्ली-NCR में किन लोगों के जरिए मरीजों तक पहुंचाया गया.
फरीदाबाद का रहने वाला है आरोपी डॉ.
गिरफ्तार आरोपी की पहचान डॉ. मनीष शर्मा के रूप में हुई है. वह हरियाणा के फरीदाबाद का रहने वाला है. पुलिस अब उसकी भूमिका और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है. जांच एजेंसियां यह भी पता कर रही हैं कि क्या आरोपी खुद दवाओं की खरीद और सप्लाई में शामिल था या किसी बड़े नेटवर्क के लिए काम कर रहा था. बरामद दवाओं की जांच भी कराई जा रही है, ताकि यह पता चल सके कि वे असली हैं, नकली हैं या उनकी गुणवत्ता के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ की गई है.
पुलिस ने मरीजों को लेकर जारी की चेतावनी
दिल्ली पुलिस ने इस कार्रवाई को कैंसर और गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों को नकली दवाओं से बचाने की दिशा में अहम कदम बताया है. पुलिस के मुताबिक, महंगी लाइफ सेविंग दवाएं खरीदते समय मरीजों और उनके परिवारों को सावधान रहना चाहिए.खासकर ऐसी दवाएं जो बाजार से बहुत कम कीमत पर मिल रही हों या जिनकी पैकिंग, बिल और बिक्री का सोर्स संदिग्ध हो, उन्हें खरीदने से बचें.