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कद्दू के बीज अक्सर सुपर-स्नैक के रूप में भी जाना जाता है. इनमें प्रोटीन, मैग्नीशियम, जिंक और हेल्दी फैट्स भरपूर होते हैं. ये कुरकुरे, खाने में आसान और पोषण से भरपूर होते हैं. लेकिन सच यह भी है कि कोई भी हेल्दी चीज़ अगर जरूरत से ज्यादा खाई जाए, तो नुकसान कर सकती है. बचपन में मां हाथ भर-भर के बीज खाने से मना करती थीं. जिसकी एक नहीं कई वजह हैं. चलिए एक-एक कर उन्हें बताते हैं.
कद्दू के बीजों में डाइटरी फाइबर अच्छी मात्रा में होता है. फाइबर पाचन के लिए फायदेमंद होता है, लेकिन जरूरत से ज्यादा लेने पर यही फाइबर पेट में भारी पड़ सकता है. ज्यादा फाइबर खाने से पेट फूलना, गैस, ऐंठन या यहां तक कि डायरिया भी हो सकता है. अगर बीजों का बड़ा कटोरा स्नैक की तरह खाने के बाद पेट जरूरत से ज्यादा भरा-भरा लगे, तो यह ओवरईटिंग का संकेत हो सकता है.
कद्दू के बीज छोटे दिखते हैं, लेकिन इनमें कैलोरी काफी ज्यादा होती है. करीब 100 ग्राम बीजों में लगभग 560 कैलोरी हो सकती हैं. यानी थोड़ी सी मात्रा भी जल्दी कैलोरी सरप्लस बना सकती है. लंबे समय तक जरूरत से ज्यादा खाने पर वजन बढ़ने का खतरा रहता है. बेहतर यही है कि एक बार में एक-दो चम्मच से ज्यादा न खाएं.
अगर आपको रोस्टेड और नमकीन कद्दू के बीज पसंद हैं, तो एक और जोखिम जुड़ जाता है. यह है जरूरत से ज्यादा सोडियम. ज्यादा नमक ब्लड प्रेशर बढ़ा सकता है और शरीर में वॉटर रिटेंशन की समस्या पैदा कर सकता है. World Health Organization (WHO) के मुताबिक, रोज़ाना सोडियम की मात्रा 2,000 मिलीग्राम से ज्यादा नहीं होनी चाहिए, जबकि फ्लेवर्ड बीज थोड़ी ही देर में इसका बड़ा हिस्सा पूरा कर सकते हैं.
कद्दू के बीज जिंक और मैग्नीशियम जैसे मिनरल्स से भरपूर होते हैं. लेकिन इनका जरूरत से ज्यादा सेवन शरीर में मिनरल बैलेंस बिगाड़ सकता है. National Institutes of Health (NIH) के अनुसार, लंबे समय तक ज्यादा जिंक लेने से कॉपर की कमी हो सकती है. माइक्रोन्यूट्रिएंट्स के मामले में ज्यादा हमेशा बेहतर नहीं होता.
यह जानकर हैरानी हो सकती है, लेकिन बहुत ज्यादा कद्दू के बीज चबाने से जबड़े पर जोर पड़ता है. बीज कड़े होते हैं और लगातार चबाने से मुंह में दर्द, जबड़े की थकान या पहले से मौजूद डेंटल समस्याएं बढ़ सकती हैं.