Diwali pollution
Diwali pollution
दिवाली आते ही घरों में दीये जलाने, अगरबत्ती लगाने, धूप और कपूर जलाने के साथ सुगंधित मोमबत्तियां सजाने की तैयारी शुरू हो जाती है. ये सभी चीजें त्योहार की रौनक बढ़ाती हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इनसे आपके घर की हवा भी प्रदूषित हो सकती है? अक्सर लोग दिवाली पर सिर्फ पटाखों से होने वाले प्रदूषण को लेकर चिंतित रहते हैं, लेकिन घर के अंदर जलने वाली चीजों से निकलने वाला धुआं भी सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है. खासकर बंद कमरों में रहने वाले बच्चों, बुजुर्गों और सांस की बीमारी से परेशान लोगों के लिए यह परेशानी बढ़ा सकता है.
दिवाली पर अगरबत्ती, धूप, कपूर और खुशबू वाली मोमबत्तियां जलाना आम बात है. इनके जलने से धुआं, बारीक कण और कुछ हानिकारक गैसें हवा में फैल सकती हैं. यहां तक कि तेल और घी के दीये जलाने से भी कुछ मात्रा में धुएं और प्रदूषण फैलाने वाले कण निकलते हैं. गुरुग्राम के पारस हेल्थ के डायरेक्टर और इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. राजेश कुमार के मुताबिक, दिवाली के दौरान घर के अंदर बढ़ने वाला प्रदूषण आंखों, नाक और गले में जलन पैदा कर सकता है. इससे अस्थमा और एलर्जी के मरीजों को सांस लेने में परेशानी हो सकती है.
ज्यादा देर तक धुएं में रहने से हो सकती है परेशानी
कैलाश हॉस्पिटल एंड न्यूरो इंस्टीट्यूट के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. प्रभात कुमार बताते हैं कि अगरबत्ती, धूप और मोमबत्तियों से निकलने वाले बारीक कण सांस के रास्ते शरीर में पहुंच सकते हैं. लंबे समय तक इनके संपर्क में रहने से खांसी, गले में खराश, छींक, घरघराहट और सांस फूलने जैसी समस्याएं हो सकती हैं. खासकर छोटे कमरों में एक साथ कई चीजें जलाने और खिड़की-दरवाजे बंद रखने से प्रदूषित हवा बाहर नहीं निकल पाती. इससे परेशानी और बढ़ सकती है.
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
घर के अंदर प्रदूषित हवा के संपर्क में आने पर शरीर कुछ संकेत दे सकता है.
आंखों, नाक और गले में जलन होना
लगातार खांसी आना
बार-बार छींक आना और सांस लेते समय घरघराहट होना
सांस लेने में परेशानी या सांस फूलना
सीने में बेचैनी या असहज महसूस होना
अगर ये लक्षण लगातार बने रहें या बढ़ने लगें, तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए.
दिवाली पर घर की हवा साफ रखने के लिए अपनाएं ये तरीके
एक साथ कई अगरबत्तियां, कपूर और धूप जलाने से बचें
बाहर की हवा साफ होने पर खिड़की-दरवाजे खोलें, ताकि धुआं बाहर निकल सके
HEPA फिल्टर वाला एयर प्यूरीफायर हवा में मौजूद बारीक कणों को कम करने में मदद कर सकता है
इससे प्रदूषण और सांस से जुड़ी परेशानियां बढ़ सकती हैं
घर में गीले कपड़े से धूल साफ करें और पोछा लगाएं
अस्थमा और एलर्जी के मरीजों को धुएं से दूर रखें
दिवाली पर खुशियों के साथ सेहत का ध्यान रखना भी जरूरी है. इसलिए घर सजाते समय इस बात का ध्यान रखें कि त्योहार की खुशबू कहीं आपकी सेहत के लिए परेशानी न बन जाए.
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