Post Lunch Sleepiness (AI)
Post Lunch Sleepiness (AI)
कई लोगों के साथ होता है कि दोपहर में ऑफिस में लंच करने के बाद अक्सर आंखें भारी होने लगती हैं. नींद की खुमारी होने लगती है. काम पर फोकस करना मुश्किल हो जाता है. कई बार तो मीटिंग में बैठे-बैठे भी नींद आने लगती है. कई लोगों के साथ ऐसा रोज होता है. ऐसा केवल ऑफिस में नहीं होता, घर पर भी कई बार लंच के बाद नींद आती है. इसे आम तौर पर दोपहर की सुस्ती कहा जाता है.
कुछ लोग इसे आलस से जोड़ देते हैं, लेकिन यह हमेशा आलस की वजह से नहीं होता. दिन के इस समय शरीर की एनर्जी और एक्टिवनेस कुछ कम हो सकती है. लेकिन सवाल उठता है कि ऐसा क्यों होता, और अगर होने भी लगे तो इस आदत से कैसे बाहर निकलें?
कुछ लोग दोपहर में बहुत ज्यादा या भारी खाना खा लेते हैं, जिससे सुस्ती बढ़ सकती है. इसलिए कोशिश करें कि लंच को हल्का और बैलेंस्ड रखा जाए. लंच में सलाद, सब्जियां और प्रोटीन वाली चीजें शामिल कर सकते हैं. इससे आपको कार्ब्स के मुकाबले ज्यादा डायवर्स न्यूट्रिएंट्स मिलेंगे. साथ ही बहुत ज्यादा तला-भुना, मीठा और भारी खाना खाने से बचें. इससे लंच के बाद शरीर को ज्यादा बोझ महसूस नहीं होगा.
लंच करने के तुरंत बाद कुर्सी पर आकर न बैठें. ऐसा करने से आपका शरीर सुस्त पड़ने लगता है. आपके लिए बेहतर होगा कि आप खाना खाने के बाद 5 से 10 मिनट की छोटी वॉक करें. चाहें तो ऑफिस के बाहर या आसपास थोड़ा चल सकते हैं. ताजी हवा और थोड़ी हलचल शरीर को एक्टिव रखने में मदद कर सकती है. जिससे आपको आने वाली सुस्ती नहीं आएगी, और आपका काम पर फोकस बना रहेगा.
कम पानी पीने वाले लोगों को भी थकान महसूस हो सकती है. इसलिए जब आप लंच कर करने के बाद लौटें, और काम करने बैठें तो इस दौरान पानी पीते रहें. आप हमेशा अपनी डेस्क पर एक पानी की बोतल जरूरी रखें. साइकोलॉजी कहती है कि अगर पानी की बोतल आपके पास हो, तो आप ज्यादा पानी पीते हैं. साथ ही प्यास लगने का इंतजार करने के बजाय थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पीना बेहतर है.
अगर आप लंच करने के बाद वॉक न पाएं, और अगर पॉसिबल हो तो थोड़ी देर आप खड़े होकर भी काम कर सकते हैं. लंबे समय तक एक ही जगह बैठे रहने से सुस्ती बढ़ सकती है. इसलिए बीच-बीच में उठकर थोड़ा चलना या हल्की स्ट्रेचिंग करना भी मददगार हो सकता है. इससे आपको लंच करने के बाद होने वाली सुस्ती नहीं होगी.