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Expert Talk: उमस की वजह से थकान, सिरदर्द और चक्कर आ रहे हैं? ज्यादा पसीना निकलने से डिहाइड्रेशन हो सकता है, ऐसे रखें खुद का ख्याल

Max Hospital, Gurugram के डॉ. शैलेश सहाय के मुताबिक, उमस वाले मौसम में शरीर को खुद को ठंडा रखने के लिए ज्यादा पसीना निकालना पड़ता है. इस दौरान शरीर से पानी के साथ-साथ सोडियम, पोटैशियम जैसे जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स भी निकल जाते हैं.

 Humidity Humidity
हाइलाइट्स
  • उमससे बचने के लिए क्या करें

  • दा पसीना निकलने से डिहाइड्रेशन हो सकता है

उत्तर भारत के राज्यों में मॉनसून की रफ्तार सुस्त है. ऐसे में उमस भरी गर्मी से लोग परेशान नजर आ रहे हैं. दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा समेत कई राज्यों में गर्मी परेशान कर रही है.  बारिश के मौसम में गर्मी भले ही कम महसूस हो, लेकिन उमस शरीर पर ज्यादा असर डालती है. कई लोगों को इस मौसम में बिना ज्यादा मेहनत किए भी थकान, सिरदर्द, चक्कर, कमजोरी और बेचैनी महसूस होने लगती है. इसकी बड़ी वजह है शरीर से लगातार पसीना निकलना और पर्याप्त पानी न पीना.

डॉक्टरों का कहना है कि उमस के कारण पसीना आसानी से सूख नहीं पाता, जिससे शरीर खुद को ठंडा रखने के लिए और ज्यादा पसीना बनाता है. अगर समय रहते शरीर में पानी और जरूरी मिनरल्स की कमी पूरी नहीं की जाए तो डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है.

उमस में क्यों बढ़ जाती है परेशानी?
मैक्स हॉस्पिटल, गुरुग्राम के सीनियर डायरेक्टर (इंटरनल मेडिसिन) डॉ. शैलेश सहाय बताते हैं कि सामान्य परिस्थितियों में पसीना शरीर को ठंडा रखने का काम करता है. लेकिन जब हवा में नमी बहुत ज्यादा होती है तो पसीना त्वचा से जल्दी नहीं सूखता. ऐसे में शरीर का तापमान कंट्रोल रखने के लिए लगातार अधिक पसीना निकलता रहता है. इससे शरीर से पानी के साथ-साथ सोडियम और पोटैशियम जैसे जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स भी कम होने लगते हैं.

डिहाइड्रेशन के शुरुआती संकेत पहचानें

  • बार-बार प्यास लगना

  • मुंह सूखना

  • सिरदर्द

  • चक्कर आना

  • कमजोरी और थकान

  • मांसपेशियों में ऐंठन

  • गहरे रंग का पेशाब

  • पेशाब कम आना

अगर इन लक्षणों को नजरअंदाज किया जाए तो समस्या गंभीर हो सकती है. गंभीर डिहाइड्रेशन होने पर ब्लड प्रेशर गिर सकता है, दिल की धड़कन तेज हो सकती है और हीट एग्जॉशन या हीट स्ट्रोक जैसी जानलेवा स्थिति भी पैदा हो सकती है.

उमस सिरदर्द और चक्कर की वजह कैसे बनती है?
आर्टेमिस हॉस्पिटल, गुरुग्राम के डायरेक्टर (न्यूरोसर्जरी) डॉ. आदित्य गुप्ता के अनुसार, ज्यादा उमस सिर्फ असहज महसूस नहीं कराती बल्कि दिमाग और पूरे शरीर पर भी असर डालती है. जब शरीर ठीक से ठंडा नहीं हो पाता तो उसका तापमान बढ़ने लगता है. इससे सिरदर्द, कमजोरी, अत्यधिक पसीना, चक्कर और ध्यान लगाने में परेशानी हो सकती है.

वहीं बत्रा हॉस्पिटल के डायरेक्टर (न्यूरोलॉजी) डॉ. बिप्लब दास बताते हैं कि डिहाइड्रेशन होने पर सिरदर्द और चक्कर की समस्या और ज्यादा बढ़ सकती है. जिन लोगों को माइग्रेन की शिकायत रहती है, उनके लिए मौसम में बढ़ी हुई नमी माइग्रेन अटैक का ट्रिगर भी बन सकती है.

किन लोगों को सबसे ज्यादा खतरा?

  • बच्चे

  • बुजुर्ग

  • गर्भवती महिलाएं

  • डायबिटीज और किडनी के मरीज

  • हाई ब्लड प्रेशर या हृदय रोग से पीड़ित लोग

  • धूप या खुले में लंबे समय तक काम करने वाले लोग

  • ज्यादा एक्सरसाइज या मेहनत करने वाले लोग

ऐसे रखें खुद को हाइड्रेट
प्यास लगने का इंतजार न करें. पूरे दिन थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी पीते रहें. सिर्फ सादा पानी ही नहीं, बल्कि नारियल पानी, नींबू पानी, छाछ और सूप जैसे तरल पदार्थ भी शरीर में पानी की कमी पूरी करने में मदद करते हैं.

तरबूज, खरबूजा, संतरा और खीरा जैसे पानी से भरपूर फल भी डाइट में शामिल करें. अगर ज्यादा पसीना निकल रहा हो या लंबे समय तक बाहर रहना पड़े तो ओआरएस (ORS) का सेवन करना फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि यह शरीर में पानी के साथ इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी भी पूरी करता है.

इन बातों का भी रखें ध्यान

  • हल्के रंग और ढीले सूती कपड़े पहनें.

  • दोपहर की तेज धूप में बाहर निकलने से बचें.

  • बाहर काम करते समय बीच-बीच में छांव या ठंडी जगह पर आराम करें.

  • चाय, कॉफी, शराब और ज्यादा मीठे सॉफ्ट ड्रिंक का अधिक सेवन न करें.

डॉक्टर से कब मिलें?
अगर पर्याप्त पानी पीने और आराम करने के बावजूद लगातार चक्कर आ रहे हों, बेहोशी महसूस हो, बार-बार उल्टी हो रही हो, पेशाब बहुत कम आ रहा हो या व्यक्ति भ्रम की स्थिति में हो, तो इसे सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज न करें. तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.

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